समर इंडिया संवाददाता जावेद चौधरी
अमरोहा जनपद के कस्बा उझारी में हजरत शेख दाऊद रहमतुल्लाह अलैह की मजार पर वार्षिक उर्स के अवसर पर भव्य ऑल इंडिया मुशायरे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देशभर से आए मशहूर शायरों ने अपनी बेहतरीन शायरी पेश कर श्रोताओं को देर रात तक मंत्रमुग्ध कर दिया।मुशायरे की शुरुआत खुर्शीद हैदर के कलाम से हुई। उन्होंने कहा, ऐसे तारीख मिटाने से अगर मिट सकती, हम तो तारीख़ की तारीख़ मिटा सकते थे जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा। इसके बाद नदीम फारुख ने अपनी शायरी में कहा, हसद की आग में खून दुश्मनों का जलता रहा, मैं वो चिराग था जो आंधियों में जलता रहा और वाहवाही लूटी।हाशिम फिरोजाबादी ने वो खत तुम्हारा के जिस खत को खा गई दीमक जैसे शेर से भावनात्मक माहौल बना दिया, वहीं मीसम गोपालपुरी ने अपने अंदाज में कहा, जमीं पर जो अकड़ कर चल रहे हैं। अंदाज देहलवी ने श्रोताओं को संदेश देते हुए पढ़ा, ये सोच ले मुझ पर किसी इल्जाम से पहले ख्याल मुरादाबादी ने अपनी गजल से महफिल को और रंगीन किया, जबकि डॉ. नदीम शाद ने अपने खास अंदाज में कहा, मुश्किल था पर जादू करना सीख गए और खूब तालियां बटोरीं।
आदिल रशीद ने अपने कलाम में कहा, इस्लाम मेरे आका के किरदार से फैला जबकि अशद अशरफ ने अंतरराष्ट्रीय संदर्भ जोड़ते हुए ईरान पर शेर पेश किया। निगहत अमरोही ने भी अपनी प्रस्तुति से महफिल में चार चांद लगा दिए।मुशायरे में बड़ी संख्या में श्रोता मौजूद रहे और हर शायर के कलाम पर वाह-वाह और तालियों की गूंज सुनाई दी। इस अवसर पर उर्स कमेटी के सदस्य, स्थानीय गणमान्य लोग और क्षेत्रीय नागरिक भी मौजूद रहे। कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

