नई दिल्ली। केंद्रीय रेल मंत्री Ashwini Vaishnav ने शुक्रवार को संसद को बताया कि पिछले 10 वर्षों में भारतीय रेलवे नेटवर्क में बड़े पैमाने पर हुए सुधार के साथ, देश में 78 प्रतिशत से ज्यादा रेलवे ट्रैक अब 110 किमी प्रति घंटे और उससे अधिक की गति के लिए अपग्रेड हो चुके हैं।
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केंद्रीय मंत्री Ashwini Vaishnav ने कहा कि ट्रैक अपग्रेड के उपायों में 60 किलोग्राम की पटरियां, चौड़े बेस वाले कंक्रीट स्लीपर, मोटे वेब स्विच, लंबे रेल पैनल, एच बीम स्लीपर, आधुनिक ट्रैक रिन्यूअल और रखरखाव मशीनों का उपयोग शामिल है।
130 किमी प्रति घंटे और उससे अधिक की अधिकतम गति क्षमता के लिए ट्रैक की लंबाई 2014 के 5,036 किमी से चार गुना से ज्यादा बढ़ाकर 2025 में 23,010 किमी कर दी गई है, जो कुल ट्रैक लंबाई का 21.8 प्रतिशत है। केंद्रीय मंत्री ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित जवाब में बताया कि पहले यह हाई-स्पीड सेक्शन कुल लंबाई का केवल 6.3 प्रतिशत था।
इसी प्रकार, 110-130 किलोमीटर प्रति घंटे की गति वाली ट्रेनों के लिए ट्रैक की लंबाई 2014 के 26,409 किलोमीटर से दोगुनी से भी ज्यादा बढ़ाकर 2025 में 59,800 किलोमीटर कर दी गई है, जो अब कुल ट्रैक नेटवर्क का 56.6 प्रतिशत है। इस तरह, जिन ट्रैक पर ट्रेनों की गति 100 किलोमीटर प्रति घंटे से कम है, उनकी लंबाई 47,897 किलोमीटर से घटाकर 22,862 किलोमीटर कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि पहले जहां 60.4 प्रतिशत ट्रैक नेटवर्क पर ट्रेनों की गति 100 किलोमीटर प्रति घंटे से कम करनी पड़ती थी, वहीं अब इसे घटाकर 21.6 प्रतिशत कर दिया गया है।
Ashwini Vaishnav वर्तमान में भारतीय रेलवे नेटवर्क पर चल रही वंदे भारत ट्रेनें सेमी-हाई स्पीड ट्रेन सर्विस हैं
केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने आगे बताया कि वर्तमान में भारतीय रेलवे नेटवर्क पर चल रही वंदे भारत ट्रेनें सेमी-हाई स्पीड ट्रेन सर्विस हैं, जिनकी डिज़ाइन गति 180 किमी प्रति घंटा और अधिकतम परिचालन गति 160 किमी प्रति घंटा है। ट्रेन की औसत गति ट्रैक की ज्यामिति, रास्ते में ठहराव और सेक्शन में रखरखाव कार्य पर निर्भर करती है।

