नयी दिल्ली : Bharatiya Janata Party (भाजपा) ने कोलकाता के लॉ कॉलेज में सामूहिक दुष्कर्म मामले में मंगलवार को कहा कि तृणमूल कांग्रेस सरकार से इस घटना की निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं है इसलिए इसकी स्वतंत्र रूप से न्यायिक जांच कराई जानी चाहिए।
कांग्रेस के डीएनए में ही भ्रष्टाचार है: Bharatiya Janata Party
Bharatiya Janata Party नेता एवं कोलकाता सामूहिक दुष्कर्म मामले में गठित पार्टी की चार सदस्यीय तथ्य खोजी दल के सदस्य सत्यपाल सिंह, श्री बिप्लब कुमार देब और श्री मनन कुमार मिश्र ने आज यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया।
इस दौरान श्री सिंह ने बताया कि 25 जून को कोलकाता के लॉ कॉलेज में सामूहिक दुष्कर्म की घटना से Bharatiya Janata Party के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा बहुत चिंतित हुए और इसकी जांच के लिए पार्टी के चार सदस्यों की एक समिति बना दी। उन्होंने कहा, “उनके आदेश हम वहां (कोलकाता) गए और सबसे पहले हमारी समिति वहां के पुलिस आयुक्त से मिली।
”श्री सिंह ने कहा, “पैतालीस साल के पुलिस जीवन में मैंने पहली बार एक ऐसा मामला देखा जिसमें प्राथमिकी में आरोपियों के नाम मिटा दिए गए और नाम की जगह कहीं जे लिख दिया तो कहीं एम लिख दिया गया। ऐसे में क्या हम उम्मीद कर सकते हैं कि पीड़िता को न्याय मिलेगा?”उन्होंने कहा, “पहले तो हमें विश्वास नहीं था कि हमें वहां जाने भी दिया जाएगा।
Bharatiya Janata Party जे.पी. नड्डा बहुत चिंतित हुए और इसकी जांच के लिए पार्टी के चार सदस्यों की एक समिति बना दी
पहले तो हमें घटनास्थल का दौरा करने के लिए मना किया गया, लेकिन क्योंकि हमारे साथ बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष थे, इसलिए हम वहां पर जा पाए। इस दौरान उन्होंने सवाल किया कि जिस आरोपी पर 11 मामले दर्ज हैं, उसे लॉ कॉलेज में भर्ती कैसे किया गया? हमने मांग की है कि स्वतंत्र न्यायिक जांच हो। नाम मिटाने वाले पुलिस अधिकारियों को आरोपी बनाया जाए। आरोपियों को संरक्षण देने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।”
श्री देब ने कहा , “आरोपी कॉलेज में नौकरी करता था, सवाल यह है कि जिसके ऊपर हत्या की कोशिश का मामला दर्ज है, पुलिस के साथ मारपीट करने का मामला है… उसे नौकरी पर क्यों रखा? ऐसे में मेरा सवाल है कि कॉलेज की शासी निकाय के अध्यक्ष एवं तृणमूल कांग्रेस के विधायक अशोक देव से पूछताछ क्यों नहीं हो रही है?”उन्होंने कहा कि आपने पहले उसे नौकरी दी तभी ये घटना घटी। इसलिए इसकी स्वतंत्र रूप से न्यायिक जांच होनी चाहिए।

