नई दिल्ली- WHO : कोरोना के मामले दुनियाभर में फिर से बढ़ते जा रहे है। वहीं, भारत के कई राज्यों में कोरोना के मामले सामने आ रहे है। जिसको लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कोविड के नए मामलों में हो रही बढ़ोतरी पर चिंता जताई है।
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WHO ने जानकारी देते हुए कहा कि कोरोना के कई नए वैरिएंट सामने आ रहे हैं। इनमें NB.1.8.1, JN.1 और KP.2 जैसे वेरिएंट्स शामिल हैं, जो ओमिक्रॉन के ही एक सब वैरिएंट हैं। NB.1.8.1 वेरिएंट फिलहाल चीन, अमेरिका और कुछ यूरोपीय देशों में तेजी से फैल रहा है।
वहीं, भारत सहित कई देशों में कोरोना के दोनों सब-वैरिएंट्स NB.1.8.1 और LF.7 के मामले काफी तेजी से बढ़े हैं। भारत में इसके कारण संक्रमण में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बढ़ते जोखिमों को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अब NB.1.8.1 को वैरिएंट ऑफ मॉनिटरिंग की श्रेणी में रखा है, अब तक इसे वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट के रूप में रखा गया था, लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वैरिएंट्स के बदलते रूप को देखते हुए इसे वैरिएंट ऑफ मॉनिटरिंग में रखा है। यानी अब वायरस के इस रूप को प्राथमिकता के आधार पर ध्यान देने की जरूरत है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन की मानें तो यह वैरिएंट काफी तेजी से लोगों को अपनी चपेट में लेता है, लेकिन फिलहाल इसके कारण गंभीर बीमारी या अस्पताल में भर्ती होने जैसी स्थिति नहीं बनती है। अगर हालात बिगड़ते भी है तो बहुत कम मरीज अस्पताल में भर्ती होते हैं। फिर भी विशेषज्ञों का मानना है कि इसकी अनदेखी नहीं की जानी चाहिए, क्योंकि वायरस कब अपना रूप बदल ले, कहा नहीं जा सकता।
WHO ने दी सतर्क रहने की हिदायत
WHO ने सभी देशों से कहा है कि वे अपने निगरानी तंत्र को पहले से ज्यादा मजबूत करें। टेस्टिंग, रिपोर्टिंग और जीनोम सीक्वेंसिंग को बढ़ाया जाए। ताकि नए वैरिएंट्स का समय पर पता लगाया जा सके। साथ ही, लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है। डब्ल्यूएचओ क कहना है कि लोग भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचें। अगर जाना आवश्यक है तो इन स्थानों पर मास्क पहनकर ही जाएं।

