नई दिल्ली। Vikram Misri भारत ने बांग्लादेश के साथ अपने संबंधों को सामान्य बनाने के लिए सकारात्मक संकेत दिया है। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा है कि भारत और बांग्लादेश के संबंध पारस्परिक हितों पर आधारित हैं और इसे पुराने समय के चश्मे से नहीं देखना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों को भविष्योन्मुखी एजेंडे पर काम करना चाहिए।
भारत-चीन में सीमा पर शांति, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर हुई चर्चा : Foreign Secretary Vikram Misri
मिसरी ने यह बात बांग्लादेश के पत्रकारों के समक्ष कही, जिन्हें भारत के विदेश मंत्रालय ने आमंत्रित किया था। मिसरी का यह बयान तब आया है जब मोहम्मद युनुस सरकार ने बांग्लादेश में आम चुनाव कराने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। ऐसे में भारत ने यह संकेत भेजा है कि आम चुनाव के बाद वहां गठित होने वाली सरकार के साथ वह सामान्य तरीके से संबंधों को आगे बढ़ाने को तैयार है।
Vikram Misri : बांग्लादेश से संबंधों में खटास
भारत और बांग्लादेश के संबंधों में हाल के समय में कुछ दूरी आई है, विशेषकर बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को अगस्त 2024 में वहां सत्ता से बेदखल करने के बाद से। हसीना को भारत समर्थक नेता माना जाता था, और उनकी जगह पर आई युनुस सरकार ने कई ऐसे कदम उठाए हैं जो भारत के हितों के खिलाफ हैं, जैसे पाकिस्तान और चीन के साथ रणनीतिक संबंधों को बढ़ावा देना। इसके परिणामस्वरूप, भारत ने बांग्लादेश से होने वाले आयात को बाधित करने के लिए कई कदम उठाए हैं।

