Uttarakhand news-परिजनों को भनक तक नहीं लगी और नाबालिग बेटी बन गई मां, पड़ोसी पर हुआ शक तो हुआ खुलासा
By Manoj Kumar
On: June 4, 2026 7:31 PM

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uttarakhand news-हल्द्वानी (उत्तराखंड): उत्तराखंड के हल्द्वानी शहर से एक बेहद हैरान कर देने वाला और समाज को सोचने पर मजबूर करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की ने अस्पताल में एक बच्चे को जन्म दिया है। सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि परिजनों को लड़की के गर्भवती होने की भनक तक नहीं थी। वे उसे पेट दर्द की शिकायत होने पर अस्पताल लेकर पहुंचे थे, जहां डॉक्टरों ने चेकअप के बाद बताया कि वह गर्भवती है और कुछ ही देर बाद उसने एक बच्चे को जन्म दे दिया।अस्पताल में हुआ चौंकाने वाला खुलासाप्राप्त जानकारी के अनुसार, शहर के एक मोहल्ले में रहने वाली 16 वर्षीय किशोरी ने बीती रात अपने परिजनों से तेज पेट दर्द की शिकायत की। दर्द बढ़ने पर घबराए परिजन उसे तुरंत हल्द्वानी के सरकारी अस्पताल (सुशीला तिवारी अस्पताल/महिला अस्पताल) लेकर पहुंचे। वहां जब डॉक्टरों ने नाबालिग का परीक्षण किया, तो उनके भी होश उड़ गए। डॉक्टरों ने परिजनों को बताया कि लड़की गर्भवती है और प्रसव पीड़ा (Labor Pain) में है। कुछ ही देर बाद नाबालिग ने एक बच्चे को जन्म दे दिया। यह सच्चाई सामने आते ही परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई।पड़ोसी नाबालिग पर लगाया रेप का आरोपअस्पताल प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत बाल कल्याण समिति (CWC) और स्थानीय पुलिस को सूचना दी। जब पुलिस और महिला काउंसलरों ने नाबालिग पीड़िता से बातचीत की, तो उसने एक खौफनाक सच्चाई बयां की। पीड़िता ने बताया कि उसके पड़ोस में ही रहने वाले एक नाबालिग लड़के (किशोर) ने कई महीने पहले उसके साथ दुष्कर्म (Rape) की वारदात को अंजाम दिया था। बदनामी और डर की वजह से उसने यह बात अपने परिजनों से छिपाए रखी।पोक्सो (POCSO) एक्ट के तहत कार्रवाई शुरूपुलिस ने पीड़िता के बयान और उसके परिजनों की तहरीर के आधार पर आरोपी पड़ोसी किशोर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पोक्सो (Protection of Children from Sexual Offences – POCSO) एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चूंकि इस मामले में पीड़िता और आरोपी दोनों ही नाबालिग हैं, इसलिए मामले की जांच पूरी संवेदनशीलता और किशोर न्याय अधिनियम (Juvenile Justice Act) के नियमों के तहत की जा रही है। बाल कल्याण समिति की देखरेख में जच्चा-बच्चा दोनों का मेडिकल ऑब्जर्वेशन किया जा रहा है और आरोपी किशोर को हिरासत में लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
