शुक्रवार को जोशीमठ के पास हुए हेलीकॉप्टर हादसे के दूसरे दिन शनिवार को रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा। सुबह 5 बजे से शुरू हुए अभियान में छहों मृतकों के शव बरामद कर लिए गए। अब हादसे की वजह जानने के लिए Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) और Directorate General of Civil Aviation (DGCA) की टीमें मौके पर पहुंच रही हैं।
दूसरे दिन सुबह से चला रेस्क्यू
शुक्रवार को अंधेरा होने, जंगली जानवरों की मौजूदगी और दुर्गम इलाके के कारण रेस्क्यू रोकना पड़ा था। शनिवार सुबह SDRF, पुलिस और सेना के जवानों ने दोबारा अभियान शुरू किया। UCADA के CEO प्रतीक जैन के अनुसार शवों को ट्रेक के रास्ते चमोली जिला मुख्यालय लाया जाएगा और पोस्टमार्टम के बाद देहरादून भेजा जाएगा। रिपोर्टों के अनुसार शवों को एयरलिफ्ट कर AIIMS ऋषिकेश भी ले जाया जा रहा है।
जोशीमठ हेलीकॉप्टर हादसे की कल की पूरी खबर
जांच में उतरेगी दोहरी टीमें
AAIB की टीम हादसे की तकनीकी जांच करेगी, जबकि DGCA की टीम प्रारंभिक और नियामकीय आकलन करेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि हादसे के सभी पहलुओं की विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं। शुरुआती आशंका है कि खराब मौसम — हिमपात और बादल — हादसे की वजह बना, क्योंकि IMD ने चमोली के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया था।
कर्नाटक सरकार की मदद
सभी पांच यात्री बेंगलुरु (कर्नाटक) के थे। कर्नाटक सरकार ने आधिकारिक बयान में कहा है कि शवों को जल्द से जल्द राज्य लाने के लिए उत्तराखंड प्रशासन से समन्वय किया जा रहा है। परिजन AIIMS ऋषिकेश पहुंचने लगे हैं।
चारधाम सेक्टर में सुरक्षा पर सवाल
AAIB के विश्लेषण के अनुसार 2015-2025 के बीच चारधाम सेक्टर में 8 हेलीकॉप्टर हादसे और एक गंभीर घटना हुई, जिनमें 5 घातक थे। रिपोर्ट में ज्यादातर हादसों की वजह मानक संचालन प्रक्रियाओं का पालन न करना बताई गई है। इस ताजा हादसे के बाद बाकी सीजन के लिए शटल और चार्टर संचालन पर फैसला जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगा।

