चकरपुर/उत्तराखंड: रक्षाबंधन के पावन पर्व पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश की मातृशक्ति को विकास और सशक्तिकरण का बड़ा तोहफा दिया है। चकरपुर स्टेडियम में आयोजित रक्षाबंधन समारोह में प्रतिभाग करते हुए सीएम धामी ने महिलाओं की सुरक्षा, सुविधा और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने के लिए मंच से कई ऐतिहासिक घोषणाएं कीं।
CM धामी की 4 बड़ी घोषणाएं:
60 की उम्र में रोडवेज बसों में मुफ्त सफर: प्रदेश की महिलाओं को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि उत्तराखंड रोडवेज की बसों में मुफ्त सफर की सुविधा अब महिलाओं के लिए 60 वर्ष की आयु से ही लागू होगी (वर्तमान में यह सुविधा 65 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को मिल रही थी)।
स्वरोजगार लोन की सीमा में बढ़ोतरी: महिलाओं को रोजगार मांगने वाली नहीं, बल्कि रोजगार देने वाली बनाने के उद्देश्य से ‘महिला स्वरोजगार योजना’ के तहत रियायती बैंक ऋण (Loan) की सीमा ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹2.50 लाख कर दी गई है।
देहरादून में चलेंगी ‘पिंक ई-बसें’: प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के अंतर्गत उत्तराखंड को मिलने वाली 137 इलेक्ट्रिक बसों में से देहरादून में संचालित होने वाली 100 बसों में 10 बसें विशेष रूप से महिलाओं के लिए ‘पिंक ई-बस’ (Pink E-Bus) के रूप में समर्पित होंगी। चरणबद्ध तरीके से इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा।
महिलाओं के लिए हाईटेक टॉयलेट्स: प्रदेश के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों, बाजारों और पर्यटन स्थलों पर आधुनिक सुविधाओं वाले हाईटेक टॉयलेट बनाए जाएंगे। इनमें स्वच्छता के साथ-साथ महिलाओं की निजता और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
‘लखपति दीदी के बाद अब करोड़पति बनने का लक्ष्य’
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं और बहनों ने मुख्यमंत्री की कलाई पर रक्षासूत्र (राखी) बांधकर उनके लंबे जीवन की कामना की। बहनों को संबोधित करते हुए सीएम धामी ने कहा कि राज्य में अब तक 3 लाख 9 हजार बहनें ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। उन्होंने महिलाओं का आह्वान किया कि वे अब लखपति से आगे बढ़कर ‘करोड़पति’ बनने का लक्ष्य रखें, सरकार इस यात्रा में पूरी मजबूती से उनके साथ खड़ी है।
केंद्र और राज्य सरकार की प्राथमिकता में है मातृशक्ति
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का जिक्र करते हुए कहा कि 2014 के बाद से मातृशक्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।
जन-धन योजना से महिलाओं को बैंकिंग से जोड़ा गया।
उज्ज्वला योजना से धुएं से मुक्ति मिली और स्वच्छ भारत मिशन के तहत घर-घर शौचालय बने।
लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण सुनिश्चित किया गया।
सीएम धामी ने भरोसा दिलाया कि एक भाई के रूप में वह प्रदेश की हर बहन के सम्मान, सुरक्षा और खुशहाली के लिए अपना कर्तव्य पूरी ईमानदारी से निभाते रहेंगे।

