बदायूं की गोशालाओं का हाल: कागजों में गोवंशों को गुणवत्तायुक्त पशु आहार, हकीकत में सूखा चारा भी नसीब नहीं
बदायूं।जिले के ब्यौर अभिगांव और द्विवली पुख्ता और टिकाई पुख्ता की गोशालाओं में गोवंश की मौत के मामले में उसावां, उसहैत ओर बिनावर थानों में चार एफआईआर कराई जा चुकी हैं।उनमें साफ-साफ लिखा है कि संचालक गोवंशों को चारा नहीं खिला रहे थे।सरकारी धन की बंदरबांट की जा रही थी।अब उसहैत,जगत,फैजगंज बेहटा व उसावां क्षेत्र की गोशालाओं में कराई गई पड़ताल में खराब तस्वीर सामने आई।
ग्रामीणों ने आरोप लगाए हैं कि गोशालाओं के सरकारी रिकार्ड में गोवंशों को गुणवत्तायुक्त चारा खिलाया जा रहा है,जबकि हकीकत में उन्हें सूखा चारा तक नसीब नहीं हो रहा है।कई गोशालाओं की तो बदहाली तस्वीर साफ नजर आ रही है।गोशालाओं में भीषण कीचड़ के साथ कहीं टीन शेड टूटे थे तो कहीं गोवंशों के लिए पर्याप्त चारा नहीं था।बीमार गोवंश खुले में तड़पते नजर आए।जल निकासी के इंतजाम तक नहीं हैं।

कई गोशालाओं में गोवंश की देखभाल में अव्यवस्थाएं हावी:-जगत ब्लॉक क्षेत्र की कई गोशालाओं में गोवंश की देखभाल को लेकर अव्यवस्थाएं हावी हैं।खिरिया रहलू, बीबीपुर, मल्लाहपुर,फतेपुर और ताल गांव के गोवंश के लिए संचालित गोशाला में करीब 110 गोवंश हैं।पड़ताल में कई गोवंश सूखा भूसा खाते मिले।पानी पीने के लिए बनाए गए टैंक में पानी नहीं मिला।कई गायें गंदा पानी पीती नजर आईं। परिसर में जगह-जगह गंदगी के ढेर हैं।केयरटेकर चंद्रपाल ही देख-रेख करते हैं।वहीं गुरगांव स्थित गोशाला में गोवंश सड़ा चारा खाते हुए मिले। गोदाम में रखा भूसा भी सड़ा हुआ था। हरा चारा तो दूर, गोवंश को पर्याप्त सूखा भूसा तक उपलब्ध नहीं दिखा। यहां 26 गायें मिलीं। वहीं इस्लामगंज की गोशाला की दो दिन पहले की वीडियो में केयर-टेकर एक बार भूसा डाले जाने की बात कह रहा है।यहां गोशाला में 32 गायें हैं।पशुपालन विभाग उसावां की डॉ. दिव्या ने बताया कि गोवंश कमजोर हैं। उन्हें ड्रिप लगाई गई है। भदेली की गोशाला में गोवंशों के लिए पीने का पानी नादों में भरा मिला। पचदियोरा दीवाननगर की गोशाला में 81 और अकबरपुर की गोशाला में 152 गोवंश मिले।अकबरपुर की गोशाला में प्लास्टिक के ड्रमों में पानी भरा था। चारे के नाम पर गोवंशों के सामने सूखा भूसा पड़ा मिला।
आसफपुर क्षेत्र के ग्राम दांवरी की गोशाला में गोवंशों का हाल खराब है। गंदगी व कीचड़ की भरमार है।पानी के टैंक खाली मिले। कई गोवंश बीमारी से जूझते मिले।गोशाला में 72 गोवंश हैं। जिनकी देखरेख को केयर टेकर दिनेश कुमार है।केयर टेकर ने बताया कि एक व्यक्ति इतने गोवंश की देखभाल कैसे कर सकता है।सफाई कर्मी की नियुक्ति नहीं होने से गंदगी रहती है। प्रशासक कई महीने से पंजाब में अपने लड़कों के पास रह रहे हैं। गोवंश की सही देखभाल इसलिए भी नहीं हो रही है।
नूरपुर पिनौनी की गोशाला के हाल नहीं सुधरे:-ब्लॉक इस्लामनगर के गांव नूरपुर पिनौनी की गोशाला में तीन-चार गोवंश बीमार हैं। प्रशासक राधेश्याम गिरी ने बताया कि एसडीएम बिल्सी दौरा कर चुके हैं।इसके बावजूद हालात नहीं सुधरे।गोवंशों के बीमार होने पर पशु चिकित्सा अधिकारी को फोन किया पर कोई नहीं आया।यह गोशाला अभी तक एनजीओ के पास थी,अब प्रशासक व सचिव संचालित करेंगे।एडीओ पंचायत इस्लामनगर अन्य प्रक्रिया पूरी करने नहीं पहुंचे थे।डीएम अवनीश राय ने बताया कि एनजीओ को ब्लैक लिस्ट करने के बाद सभी गोशालाओं की जिम्मेदारी हटा ली गई है।कमजोर गोवंशों का उपचार कराया जा रहा है।गोशालाओं की स्थिति सुधारने के सख्त निर्देश दिए हैं।अधिकारी लगातार निरीक्षण कर रहे हैं।अब तक दो आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं।रिपोर्ट-जयकिशन सैनी

