अपनों पर करम…एफआईआर कराने से कतरा रहे अफसर…
कई महीनों से आरसी दबाए बैंठे अफसर एफआईआर दर्ज कराने की नही जुटा पा रहे हैं हिम्मत
बदायूँ। धान खरीद से जुड़ा चावल गबन घोटाला सामने आने के बाद भी लीपापोती करने की कोशिश की जा रही है।कई महीनों से आरसी दबाए बैठे अफसर एफआईआर कराने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। उन्हें डर है कि कहीं फंदा उनके गले तक न पहुंच जाए।अफसर केवल राइस मिल को ब्लैक लिस्ट करने का शिगूफा छेड़ रहे हैं।

खबरें प्रकाशित होने के बाद अब अधिकारी राइस मिल को ब्लैक लिस्ट करने की बात कह रहे हैं।चर्चा है कि अफसरों को कार्रवाई न करने के लिए मनाने को नेताओं को भी साधने का काम किया जा रहा है।यही वजह है कि न तो अब तक किसी पर रिपोर्ट दर्ज की गई है और न ही दोषियों को चिह्नित किया गया है।
डिप्टी आरएमओ ने दी सफाई:-इस घोटाले को लेकर जहां कई अधिकारियों ने चुप्पी साध ली है वहीं, डिप्टी आरएमओ अतुल वशिष्ठ का कहना है कि राइस मिल को ब्लैक लिस्ट करने की कार्रवाई की जा रही है। मिल प्रबंधक की ओर से समयसीमा के अंदर चावल को गोदाम तक नहीं पहुंचाया है।इस संबंध में रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।ब्लैक लिस्ट होने के बाद राइस मिल किसी सरकारी खरीद में भाग नहीं ले सकेगी।
रिपोर्ट – जयकिशन सैनी (समर इंडिया)

