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आंगनबाड़ी केंद्रों की सूरत बदलेगी सरकार : पुराने पंचायत भवनों में चलेंगे सेंटर, बिजली-पानी की होगी पुख्ता व्यवस्था

On: May 26, 2026 9:12 PM
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देहरादून: महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत संचालित ‘मिशन सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण’, ‘मिशन वात्सल्य’ और ‘मिशन शक्ति’ से जुड़ी राज्य स्तरीय मूल्यांकन एवं अनुश्रवण समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक मंगलवार को संपन्न हुई। मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में विभागीय योजनाओं की जमीनी हकीकत परखी गई और कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश दिए गए।

टेक होम राशन के लिए लागू होगा ‘FRS’ सिस्टम

बैठक में सबसे अहम फैसला ‘टेक होम राशन’ (Take Home Ration) के वितरण को लेकर लिया गया। मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि लाभार्थियों को बांटे जाने वाले राशन का 100 प्रतिशत वितरण अब ‘फेस रिकॉग्निशन सिस्टम’ (Face Recognition System – FRS) के माध्यम से किया जाए। उन्होंने इस नई तकनीकी व्यवस्था को जल्द से जल्द लागू करने के निर्देश दिए हैं, ताकि राशन वितरण में पूरी पारदर्शिता बनी रहे।

आंगनबाड़ी केंद्रों में हर हाल में हो बिजली-पानी

मुख्य सचिव ने राज्य के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बुनियादी सुविधाएं मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि हर केंद्र में बिजली और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जिन केंद्रों में ये सुविधाएं नहीं हैं, उनकी सूची तैयार कर संबंधित विभागों को सौंपी जाए। उन्होंने आश्वस्त किया कि आवश्यकता पड़ने पर इसके लिए अलग से फंड (बजट) भी उपलब्ध कराया जाएगा।

खाली पड़े पंचायत भवनों में चलेंगे आंगनबाड़ी केंद्र

भवन विहीन आंगनबाड़ी केंद्रों की समस्या के समाधान के लिए मुख्य सचिव ने एक व्यावहारिक विकल्प सुझाया। उन्होंने निर्देश दिए कि जो पुराने पंचायत भवन अब इस्तेमाल में नहीं आ रहे हैं, उन्हें आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन के लिए दे दिया जाए। विभाग ऐसे भवनों की मरम्मत कराकर उनका उपयोग करे। यदि कोई पुराना भवन जर्जर या असुरक्षित है, तो उसे ध्वस्त कर उसी जगह पर नया भवन निर्मित कराया जाए।

संस्थाओं का होगा ‘थर्ड पार्टी ऑडिट’

विभाग के कार्यों और संस्थाओं की कार्यप्रणाली की निगरानी के लिए मुख्य सचिव ने एक और बड़ा निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत आने वाली सभी राजकीय एवं स्वैच्छिक बाल देखरेख संस्थाओं (Child Care Institutions) का ‘थर्ड पार्टी ऑडिट’ कराया जाए।

इसके साथ ही, उन्होंने जिला स्तरीय अंतर्विभागीय समन्वय समितियों की बैठकें भी तय समय पर नियमित रूप से करने के निर्देश दिए, ताकि विभागों के बीच आपसी तालमेल से समस्याओं का त्वरित निस्तारण हो सके।

इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव अमित कुमार सिन्हा, सचिव चंद्रेश कुमार यादव, डॉ. वी. षणमुगम और रणवीर सिंह चौहान सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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