जरीफनगर थाने की फर्जी दबिश के मामले में थाना प्रभारी पर गिर सकती है गाज, नोटिस जारी
बदायूं। जरीफनगर क्षेत्र में दूसरे इलाके में अवैध तरीके से दी गई दबिश के मामले में चौकी प्रभारी समेत पांच पुलिस कर्मियों के निलंबन के बाद अब थाना प्रभारी बाबूराम गौतम भी कार्रवाई के घेरे में आ सकते हैं।पूरे प्रकरण की जांच कर रहे एसपी सिटी अभिषेक सिंह ने थाना प्रभारी को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस जारी किया है।इससे पहले निलंबित पांचों पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं।बीती सात सितंबर की रात करीब साढ़े 12 बजे जरीफनगर थाने की पुलिस चौकी बस्तोई सीकरी के प्रभारी दरोगा मनीष भारद्वाज ने अपने चार सिपाहियों के साथ दूसरे क्षेत्र के गांव दियोहरा शेखपुर गांव में निजी कार और सादा वर्दी में दबिश दी थी।गांव निवासी अमरीश,उदय प्रकाश और उनके पिता कृपाल सिंह को घर में सोते हुए उठा लिया था।विरोध करने पर घर में तोड़फोड़ और महिलाओं के साथ के साथ अभद्रता की थी।
पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई:-अवैध तरीके से तीनों को पकड़कर वह पहले चौकी फिर जरीफनगर थाने ले गए। जरीफनगर थाने में तीन घंटे तक उनसे पूछताछ की गई।इस दौरान गांव के तमाम लोगों के साथ परिवार के लोग थाने पहुंचे तो वहां किसी के भी पकड़ने की बात पर साफ इन्कार कर दिया गया।इसी बीच परिवार के लोगों ने तीनों को एक कमरे से दूसरे कमरे तक ले जाते हुए देख लिया तो हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों ने कहा कि वह इसकी शिकायत एसएसपी से करेंगे तो कार्रवाई के भय से तीनों को छोड़ दिया गया।
जांच की प्रक्रिया:–इसके बाद मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंचा तो अवैध तरीके से दबिश देने वाले चौकी प्रभारी और उनके चारों सहयोगी सिपाहियों को निलंबित कर दिया। इस मामले की जांच एसपी सिटी अभिषेक सिंह कर रहे हैं।एसपी सिटी ने अब तक निलंबित किए गए पांचों पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज किए हैं तो अब थाना प्रभारी बाबूराम गौतम को नोटिस भेजकर तलब किया गया है, ताकि उनके बयान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जा सके।
थाना प्रभारी की भूमिका:-मामला दबाए रखने से कार्रवाई के घेरे में थाना प्रभारी बस्तोई सीकरी पुलिस चौकी प्रभारी अपनी पूरी टीम के साथ निजी गाड़ी और सादा वर्दी में बिना रवानगी और अधिकारियों को बिना सूचना दिए दबिश देने गए थे।दबिश भी दूसरे क्षेत्र में दी गई।फर्जी एसओजी बनाकर चौकी प्रभारी मनीष भारद्वाज इस तरह से दबिशें दे रहे थे।मगर, इस दबिश से उनकी पोल खुल गई। दबिश देने के बाद पिता-पुत्रों को बेवजह घर से उठाया गया, इसके बाद उनको थाने पर रखा गया। थाने में तीन घंटे तक अलग-अलग कमरों में तीनों से पूछताछ चलती रही, लेकिन थाना प्रभारी बाबूराम गौतम पूरी तरह से अंजान बने रहे।अब एसपी सिटी की जांच में यह तथ्य सामने आया है कि इतने बड़े घटनाक्रम के बाद थाने में घंटों पूछताछ और पिता-पुत्रों को रखा गया फिर भी थाना प्रभारी मूकदर्शक बने रहे। इससे उनकी भूमिका भी पूरी तरह से संदेह के घेरे में है।मामले को दबाए रखना और अधिकारियों को न बताने पर भी कार्रवाई की तलवार उनपर लटक चुकी है।रिपोर्ट-जयकिशन सैनी

