Sahaswan News: अकबराबाद चौराहे पर जाम का झाम, मिनट-मिनट पर थमते हैं वाहनों के पहिए
दो पुलिसकर्मियों की तैनाती के बावजूद यातायात व्यवस्था बेपटरी, अतिक्रमण और पार्किंग की समस्या से जनता परेशान
सहसवान। सहसवान-बदायूं-मेरठ राज्य मार्ग स्थित अकबराबाद चौराहे पर जाम की समस्या दिन-प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है। चौराहे पर मिनट-मिनट पर लगने वाले जाम से वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि जाम में फंसे वाहन चींटी की चाल से रेंगते नजर आते हैं,लेकिन जिम्मेदारों की ओर से समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस पहल होती दिखाई नहीं दे रही है।
चौराहे पर यातायात व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा के लिए दो पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।इसके बावजूद यातायात व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मी यातायात को सुचारु कराने के बजाय मोबाइल पर रील देखने में व्यस्त रहते हैं।ऐसे में चौराहे पर जाम की स्थिति लगातार बनी रहती है।
मुख्य मार्ग पर बसों और टेंपो का जमावड़ा:-अकबराबाद चौराहे से होकर दिल्ली जाने वाली निजी बसों और परिवहन निगम की बसों का आवागमन होता है।वहीं,निर्धारित पार्किंग स्थल की व्यवस्था न होने के कारण टेंपो और ई-रिक्शा चालक मुख्य मार्ग पर ही वाहन खड़े करके सवारियां भरते हैं। इससे सड़क पर वाहनों का दबाव बढ़ जाता है और देखते ही देखते चारों तरफ जाम लग जाता है।

अतिक्रमण अभियान का असर कुछ दिनों तक ही:-नगर पालिका परिषद की ओर से समय-समय पर अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाया जाता है। अभियान के दौरान सड़कें कुछ दिनों के लिए अतिक्रमण मुक्त दिखाई देती हैं, लेकिन कुछ ही दिन बाद स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है। इससे स्पष्ट है कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के साथ-साथ नियमित निगरानी और स्थायी व्यवस्था की भी जरूरत है।
आखिर कब मिलेगी जाम से मुक्ति:-अकबराबाद चौराहे की बदहाल यातायात व्यवस्था के चलते स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और राहगीरों को रोजाना परेशानी उठानी पड़ रही है।लोगों की मांग है कि चौराहे पर यातायात ड्यूटी की प्रभावी निगरानी की जाए, टेंपो और ई-रिक्शा के लिए निर्धारित स्थान तय किए जाएं,बसों के अनियंत्रित ठहराव पर रोक लगे तथा अतिक्रमण के खिलाफ नियमित कार्रवाई की जाए।
अब देखना यह है कि संबंधित अधिकारी इस जाम जैसी गंभीर समस्या को लेकर कब जागते हैं और अकबराबाद चौराहे को रोजाना लगने वाले जाम से मुक्ति दिलाने के लिए क्या ठोस कदम उठाते हैं।रिपोर्ट-एस.पी.सैनी

