अयोध्या। अयोध्या के Ram Janmabhoomi मंदिर परिसर में नवनिर्मित देवालयों में देव विग्रहों की प्राण-प्रतिष्ठा के पावन अनुष्ठान का शुभारंभ सोमवार को प्रायश्चित कर्म पूजा और महिलाओं की जलकलश यात्रा से होगा। यह आयोजन वैदिक विधानों के अनुरूप तीर्थराज प्रयाग, काशी, देवप्रयाग, हरिद्वार, अयोध्या और अन्य धार्मिक स्थलों से आमंत्रित 101 ऋत्विजों की उपस्थिति में सम्पन्न होगा।
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अनुष्ठान के आरंभिक दिन ‘प्रायश्चित कर्म पूजा’ द्वितीय बेला में दोपहर 3 बजे से सायं 4:30 बजे तक चलेगी। इसके साथ ही सरयू तट से सैकड़ों महिलाएं पुण्य सलिला सरयू का पवित्र जल कलशों में भरकर मांगलिक यात्रा के रूप में यज्ञशाला की ओर प्रस्थान करेंगी।
यह यात्रा पुराने सरयू पुल के पूर्वी तट से प्रारंभ होकर वीणा चौक, रामपथ, श्रृंगार हाट, हनुमानगढ़ी, दशरथ महल, रामकोट और रंगमहल बैरियर होते हुए सायं 6:30 बजे तक यज्ञशाला पहुंचकर सम्पन्न होगी। कलश यात्रा के साथ प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का आध्यात्मिक वातावरण और भी पवित्र हो जाएगा।
Ram Janmabhoomi कलश यात्रा के साथ प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का आध्यात्मिक वातावरण और भी पवित्र हो जाएगा
आयोजन के मुख्य यज्ञाचार्य काशी के पं. जयप्रकाश त्रिपाठी होंगे, जिनके साथ पं. चन्द्रभानु शर्मा (दिल्ली) एवं पं. अमरनाथ ब्रह्मा (बस्ती) सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए ऋत्विज यज्ञों का संचालन करेंगे।

