नई दिल्लीः नरेंद्र मोदी आज रात 8.30 बजे देश को संबोधित करेंगे। उनका ये संबोधन ऐसे समय हो रहा है, जब एक दिन पहले ही लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पास नहीं हो पाया है। लोकसभा में दो तिहाई बहुमत न हो पाने की वजह से एनडीए सरकार नारी शक्ति वंदन अधिनियम लोकसभा में पास नहीं करवा पाई है। पिछले 12 सालों में ऐसा पहली बार हुआ है, जब मोदी सरकार का कोई बिल वोटिंग के बाद संसद में गिर गया है। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री इस बिल को लेकर ही देश को संबोधित कर सकते हैं।
विपक्ष ने जमकर किया था विरोध
बता दें कि एक दिन पहले ही लोकसभा में विपक्ष के विरोध के बाद महिला आरक्षण को लेकर लाया गया बिल गिर गया था। तब विपक्षी पार्टियों ने मिलकर इस बिल का विरोध किया था। इस दौरान संसद में हंगामे की स्थिति भी देखने को मिली थी। विपक्ष ने आरोप लगाया था कि सरकार नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल के दौरान परिसीमन का खेल खेलना चाहती है। इससे दक्षिण भारत के राज्यों का प्रतिनिधित्व कम हो जाएगा।
लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के बाद महिला आरक्षण से संबंधित ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’ और परिसीमन प्रक्रिया से जुड़े विधेयक पास न होने के बाद सरकार और विपक्ष एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं। इस बीच बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के जरिए बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक की। मीटिंग में बीजेपी अध्यक्ष ने पार्टी के मुख्यमंत्रियों से कहा कि राज्य विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र बुलाकर विपक्ष के खिलाफ “ निंदा प्रस्ताव “ पारित किया जाना चाहिए।
प्रियंका गांधी ने बीजेपी पर साधा निशाना
वहीं, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि विपक्ष के लिए महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन योजना का समर्थन करना संभव नहीं है। अगर सरकार वाकई गंभीर है तो उसे 2023 के कानून को लागू करना चाहिए। अगर सरकार 2023 के महिला आरक्षण कानून को लागू करती है तो सभी विपक्षी दल सरकार का समर्थन करेंगे। जनता परेशान है और इस सरकार की हरकतों को भली-भांति समझ चुकी है। वह सरकार के बहकावे में नहीं आएगी।

