नयी दिल्ली: दिल्ली के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री Pravesh Sahib Singh ने सोमवार को कहा कि केंद्र सरकार से स्वीकृति मिलते ही प्रगति मैदान इंटीग्रेटेड ट्रांजिट कॉरिडोर के अधूरे अंडरपास का काम मानसून के बाद शुरू कर दिया जाएगा।
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Pravesh Sahib Singh ने आज यहां प्रगति मैदान में अंडरपास का निरीक्षण करने के बाद कहा “हमने सभी तकनीकी मूल्यांकन पूरे कर लिए हैं और केंद्र को अंतिम मंजूरी के लिए प्रस्ताव भेज दिया है। जैसे ही स्वीकृति मिलती है, हम मानसून के तुरंत बाद काम शुरू कर देंगे। यह अंडरपास प्रगति मैदान क्षेत्र में ट्रैफिक की भीड़ को कम करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और हम इसे जल्द से जल्द पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में जब अंडरपास का निर्माण काम किया जा रहा था, तभी यमुना नदी के कारण आयी बाढ़ के चलते कंक्रीट के बॉक्स जमीन में धंस गए और इस तकनीकी जटिलता के कारण निर्माण रोकना पड़ा।
उन्होंने कहा “हमने आईआईटी दिल्ली, आईआईटी बॉम्बे जैसे शीर्ष संस्थानों से सलाह ली और उनके सुझावों के आधार पर नयी तकनीक अपनाने का निर्णय लिया है। यह तरीका रेलवे लाइन को बिना छेड़े सुरंग निर्माण की अनुमति देता है और सुरक्षा की दृष्टि से बेहतर है।”
उन्होंने कहा “हमें उम्मीद है कि केंद्र से जल्द ही स्वीकृति मिलेगी। डिजाइन पूरी तरह से सुरक्षित है, विधि व्यावहारिक है, और ट्रैफिक की भीड़ को देखते हुए जल्द काम शुरू करना ज़रूरी है।मंजूरी मिलते ही कार्य मानसून के बाद शुरू होगा, जिसे आठ महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।”
Pravesh Sahib Singh इस समय अधूरे अंडरपास के कारण ट्रैफिक को बैरिकेडिंग और अस्थायी डायवर्जन के माध्यम से नियंत्रित किया जा रहा
Pravesh Sahib Singh ने कहा कि इस समय अधूरे अंडरपास के कारण ट्रैफिक को बैरिकेडिंग और अस्थायी डायवर्जन के माध्यम से नियंत्रित किया जा रहा है, जिससे रिंग रोड, भैरो मार्ग और सराय काले खां क्षेत्र में लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है। निर्माण पूरा होने के बाद, यह खंड दोनों दिशाओं में निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करेगा।
उन्होंने कहा “हमारा लक्ष्य है कि दिल्ली को विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा मिले, जिसमें सुरक्षा और स्थायित्व दोनों हों। जैसे ही अनुमति मिलेगी, हम काम शुरू कर देंगे।”

