PM Modi ने देशवासियों से अगले 10 वर्षों में गुलामी की मानसिकता से पूरी तरह मुक्त होने का आह्वान किया। उन्होंने ‘तथाकथित बुद्धिजीवियों’ पर निशाना साधते हुए ‘हिंदू विकास दर’ जैसे शब्दों के प्रयोग को सभ्यता को बदनाम करने का प्रयास बताया। मोदी ने कहा कि भारत आत्मविश्वास से भरा हुआ है और वैश्विक मंदी के बावजूद विकास की कहानी लिख रहा है। उन्होंने औपनिवेशिक मानसिकता को त्यागने का आग्रह किया।
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ऐसे मानसिकता छोड़नी होगी। मोदी ने कहा कि भारत ऐसे समय में आत्मविश्वास से भरा हुआ है जब दुनिया अनिश्चितताओं से भरी हुई है। भारत वैश्विक मंदी के दौर में भी विकास की कहानी लिख रहा है। हर क्षेत्र औपनिवेशिक मानसिकता को त्यागकर गर्व के साथ नई उपलब्धियों की ओर बढ़ रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि भारत में मानसिक गुलामी के बीज बोने वाली मैकाले की नीति 2035 में 200 वर्ष पूरे कर लेगी।

