नई दिल्ली। PM Modi ने शनिवार को सामाजिक न्याय का आधार बताते हुए व्यक्ति की हैसियत और स्थिति की परवाह किए बगैर सभी के लिए सुलभ और शीघ्र न्याय की पहुंच पर जोर दिया।
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कहा कि जब न्याय सभी के लिए सुलभ हो, समय पर हो और हर व्यक्ति तक उसकी सामाजिक और वित्तीय पृष्ठभूमि की परवाह किए बिना पहुंचे, तभी यह सही मायने में सामाजिक न्याय की नींव बनता है। प्रधानमंत्री ने लोगों की भाषा में न्याय और फैसलों की उपलब्धता को भी महत्वपूर्ण बताया।
कहा कि न्याय की भाषा वही हो, जो न्याय पाने वाले को समझ आए। कानून का मसौदा तैयार करते समय इसका ध्यान रखना बहुत जरूरी है। जब लोग कानून अपनी भाषा में समझते हैं, तो इससे बेहतर अनुपालन होता है और मुकदमेबाजी कम होती है। यह भी आवश्यक है कि फैसले और कानूनी दस्तावेज स्थानीय भाषा में उपलब्ध कराए जाएं।
PM Modi ने लोगों की भाषा में न्याय और फैसलों की उपलब्धता को भी महत्वपूर्ण बताया
प्रधानमंत्री ने ये बातें कानूनी सहायता वितरण तंत्रों को सुदृढ़ बनाने पर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन और विधिक सेवा दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहीं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने सामुदायिक मध्यस्थता माड्यूल का भी शुभारंभ किया। समारोह में कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, प्रधान न्यायाधीश बीआर गवई, नालसा के कार्यकारी अध्यक्ष और अगले प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के न्यायाधीश व अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।

