(देहरादून): नेपाल में तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर ढहने से आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा का सीधा असर उत्तराखंड पर भी देखने को मिल रहा है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक, नेपाल की इस भीषण बाढ़ में उत्तराखंड के 5 लोग लापता हो गए हैं, जिससे उनके परिजनों में भारी दहशत और बेचैनी है।
5 लापता लोगों में कौन-कौन शामिल?
आपदा प्रबंधन के प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, लापता होने वाले 5 लोगों में पिथौरागढ़ के दो, हरिद्वार के दो और देहरादून का एक युवक शामिल है:
- देहरादून के इंजीनियर सुबोध बेलबेस: देहरादून से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले सुबोध बेलबेस नेपाल के ‘अपर त्रिशूली थ्री-बी’ (Upper Trishuli 3-B) हाइड्रो प्रोजेक्ट में सिविल इंजीनियर के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने देहरादून के तुलाज इंस्टीट्यूट से वर्ष 2024 में इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की थी। आपदा के बाद से सुबोध का अपने परिजनों और बैचमेट्स से कोई संपर्क नहीं हो पाया है।
- धारचूला की मीना गुप्ता: पिथौरागढ़ जिले के धारचूला (गुर्गुवा गांव) की रहने वाली मीना गुप्ता भी नेपाल आपदा में लापता हैं। मीना ब्रिटिश नागरिक हैं और एक आध्यात्मिक संस्थान के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए 77 सदस्यीय दल के साथ नेपाल के ग्योरांग गई थीं। आपदा के बाद इस पूरे दल से संपर्क टूट गया है।
290 भारतीय पर्यटकों की तलाश में जुटा प्रशासन
नेपाल पुलिस के मुताबिक, इस भयंकर जलप्रलय के बाद लगभग 1500 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनमें 290 भारतीय पर्यटक भी शामिल हैं। भारत सरकार, विदेश मंत्रालय और नेपाली प्रशासन बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं। हेलीकॉप्टरों के जरिए फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर निकाला जा रहा है।
उत्तराखंड सरकार ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि मीना गुप्ता और सुबोध बेलबेस समेत अन्य लापता लोगों की सूचना केंद्र सरकार को दे दी गई है। राज्य के नागरिकों की मदद के लिए सरकार ने 24 घंटे काम करने वाले हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं:
- टोल फ्री: 1070
- राज्य हेल्पलाइन: 0135-2710334, 0135-2664314, 0135-2710335
- देहरादून हेल्पलाइन: 0135-2726066
पर्यटन कारोबार पर भी पड़ा असर:
नेपाल की इस भीषण त्रासदी से उत्तराखंड का ट्रैवल कारोबार भी प्रभावित हुआ है। पशुपतिनाथ और लुंबिनी दर्शन के लिए जाने वाले सैकड़ों यात्रियों ने सुरक्षा कारणों के चलते अपनी एडवांस बुकिंग रद्द करानी शुरू कर दी है, जिससे ट्रैवल कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है।

