कटरा/जम्मू। जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और भूस्खलन (Landslide) के चलते तीर्थयात्रियों के लिए एक बुरी खबर सामने आई है। खराब मौसम और रास्तों पर मंडराते खतरे को देखते हुए प्रशासन ने आज (19 जुलाई) से श्री माता वैष्णो देवी यात्रा को अगले आदेश तक के लिए रोक दिया है। इससे पहले सुरक्षा कारणों से पवित्र अमरनाथ यात्रा को भी स्थगित कर दिया गया था। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है।
23 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट
जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की गंभीर चेतावनी के बाद यात्रा रोकने का यह एहतियाती कदम उठाया गया है। IMD ने 19 से 23 जुलाई तक पूरे जम्मू-कश्मीर में मध्यम से भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों के मुताबिक, जब तक मौसम पूरी तरह से सामान्य नहीं हो जाता और रास्ते सुरक्षित नहीं हो जाते, तब तक यात्रा दोबारा शुरू नहीं की जाएगी।
कटरा से सामने आईं डराने वाली तस्वीरें
खराब मौसम का सबसे ज्यादा असर कटरा और उसके आसपास के पहाड़ी इलाकों में देखने को मिल रहा है। कटरा से सामने आई तस्वीरों में हालात की गंभीरता को साफ तौर पर देखा जा सकता है, जहां मलबे में कई गाड़ियां फंस गई हैं। आसमान में घने बादल छाए हुए हैं और बारिश का सिलसिला लगातार जारी है, जिससे भूस्खलन का खतरा और बढ़ गया है।
यात्रा से जुड़े अहम अपडेट्स (एक नज़र में):
| विवरण | वर्तमान स्थिति |
| श्री माता वैष्णो देवी यात्रा | 19 जुलाई से अगले आदेश तक स्थगित |
| अमरनाथ यात्रा | पहलगाम और बालटाल दोनों मार्गों पर रोकी गई |
| मौसम अलर्ट (IMD) | 19 से 23 जुलाई तक भारी बारिश की चेतावनी |
| अमरनाथ दर्शनार्थी (इस साल अब तक) | 3.76 लाख से ज्यादा श्रद्धालु कर चुके हैं दर्शन |
अमरनाथ यात्रा पर भी ब्रेक, प्रशासन की अपील
श्री माता वैष्णो देवी के साथ-साथ अमरनाथ यात्रा को भी 19 जुलाई से पहलगाम और बालटाल दोनों मार्गों पर पूरी तरह से रोक दिया गया है। कश्मीर डिविजनल कमिश्नर अंशुल गर्ग ने अपने बयान में कहा कि IMD की चेतावनी को देखते हुए श्रद्धालुओं की भलाई के लिए यह फैसला लिया गया है। इस साल अब तक 3.76 लाख से ज्यादा श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं, लेकिन मौसम ने अब आगे की यात्रा को प्रभावित कर दिया है।
प्रशासन ने देशभर से आने वाले सभी श्रद्धालुओं से विशेष अपील की है कि वे अगले आदेश तक यात्रा पर न निकलें। पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश और लैंडस्लाइड से जानमाल का खतरा हो सकता है। मौसम सुधरने के बाद ही यात्रा फिर से शुरू होने की उम्मीद है।

