रांची। Jharkhand Mukti Morcha ने भारत की जनगणना के लिए केंद्र सरकार की ओर से जारी अधिसूचना पर सवाल खड़ा किया है। पार्टी के केंद्रीय महासचिव और प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने सोमवार को पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि लंबे इंतजार के बाद अधिसूचना जारी की गई है, लेकिन इसका फॉर्मेट स्पष्ट नहीं किया गया है। ऐसे में इसके पीछे राजनीतिक साजिश की आशंकाएं साफ दिख रही हैं।
Jharkhand में इस जगह पर अचानक चलने लगा बुलडोजर, लोग करते रहे विरोध
उन्होंने कहा कि जनगणना की पूरी प्रक्रिया डिजिटली कराए जाने से आंकड़ों में हेरफेर की भरपूर संभावना रहेगी। जनगणना में लगाए जाने वाले कर्मी डिजिटल डिवाइस पर डेटा एंट्री करेंगे और इसमें कई स्तरों पर गड़बड़ी और मनमर्जी की जा सकती है। इंटरनेट पर डाला जाने वाला डेटा हैक कर उसमें मनमाफिक बदलाव किया जा सकता है।
भट्टाचार्य ने सवाल उठाया कि जब अधिसूचना जारी की गई है, तो जनगणना का फॉर्मेट क्यों नहीं जारी किया गया? इससे सरकार की मंशा पर सवाल उठता है।
Jharkhand Mukti Morcha सरकार द्वारा तय की गई समयसीमा में किसी भी हालत में जनगणना पूरी नहीं होगी
Jharkhand Mukti Morcha नेता ने कहा कि सरकार द्वारा तय की गई समयसीमा में किसी भी हालत में जनगणना पूरी नहीं होगी। 2029 में देश में आम चुनाव होने हैं और इसके लिए जनवरी से ही प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। ऐसे में देश के ज्यादातर राज्यों में 1 मार्च 2027 से शुरू होने वाली जनगणना दिसंबर 2028 तक पूरी कर ली जानी चाहिए, लेकिन यह कतई संभव नहीं लगता।

