बोकारो। Jharkhand के राज्यपाल संतोष गंगवार ने दामोदर नदी को झारखंड की जीवनरेखा बताते हुए इसके संरक्षण-संवर्धन में सामूहिक प्रयास जारी रखने का आह्वान किया है।
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बोकारो जिले के तेलमच्चो में गुरुवार को देवनद दामोदर महोत्सव-गंगा दशहरा के मौके पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए Jharkhand राज्यपाल ने कहा कि एक तरफ दुनिया भर में आज लोग धरती, जंगल, नदियां और प्रकृति को बचाने की बातें कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ हम सनातन परंपरा में गंगा अवतरण का स्मरण कर रहे हैं।
Jharkhand राज्य की प्रमुख स्वयंसेवी संस्था ने गंगा दशहरा के अवसर पर राज्य में एक साथ 45 स्थानों पर दामोदर महोत्सव का आयोजन किया। मुख्य समारोह में राज्यपाल ने कहा, “गंगा दशहरा हमें याद दिलाता है कि हमारे पूर्वजों ने हजारों साल पहले ही नदियों को मां कहा, उनके जल को मोक्षदायिनी माना। यहां गंगा तो नहीं, लेकिन दामोदर है। और जैसे गंगा उत्तर भारत की आत्मा है, वैसे ही दामोदर झारखंड की जीवनरेखा है और दामोदर भगवान विष्णु के सहस्र नामों में से भी एक है।”
Jharkhand राज्य की प्रमुख स्वयंसेवी संस्था ने गंगा दशहरा के अवसर पर राज्य में एक साथ 45 स्थानों पर दामोदर महोत्सव का आयोजन किया
राज्यपाल नें इन दिनों देश भर में उथली होती नदियों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वह जब अटल जी की सरकार में कुछ दिनों के लिए जल संसाधन मंत्री थे, तब उन्होंने पाया कि देश में नदियों को लेकर जितना काम होना चाहिए था, नहीं हुआ। अब यह जरूरत महसूस की जा रही है कि नदियों के लिए हम सभी लोग मिलकर काम करें।

