रांची। Jharkhand मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में गुरुवार को आयोजित झारखंड कैबिनेट की बैठक में सरकारी कार्यालयों और उपक्रमों में आउटसोर्सिंग के आधार पर नियुक्ति, वेतनमान और उनकी सेवा शर्तों को लेकर मैन्युअल (नियमावली) के गठन को मंजूरी दी गई है।
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ऐसे कर्मियों की नियुक्ति अब कम से कम 5 साल के लिए की जाएगी। इसके बाद उन्हें तीन साल का सेवा विस्तार दिया जा सकेगा। नियुक्ति में आरक्षण के नियमों का पालन किया जाएगा।
Jharkhand आउटसोर्स सर्विस प्रोवाइडर के लिए यह अनिवार्य होगा कि वे सभी कर्मियों को एक न्यूनतम वेतनमान देना सुनिश्चित करें। Jharkhand आउटसोर्स कर्मियों को प्रतिवर्ष तीन प्रतिशत की वेतनवृद्धि और 4 लाख रुपए तक के एक्सीडेंटल ग्रुप इंश्योरेंस का भी लाभ देय होगा। उनकी समस्याओं के समाधान के लिए एक ग्रिवांस सेल भी गठित किया जाएगा।
कैबिनेट सचिव वंदना डाडेल ने बताया कि बैठक में कुल 10 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। एक महत्वपूर्ण फैसले के अनुसार, राज्य में जल संसाधन आयोग का गठन किया जाएगा। इस आयोग के पास राज्य के सभी रिवर बेसिन में पानी की अद्यतन उपलब्धता, इसके विकास, बहुआयामी उपयोग और कुशल प्रबंधन की जिम्मेदारी होगी। इस आयोग का कार्यकाल दो वर्ष होगा।
झारखंड में संचालित गैर सरकारी मान्यता प्राप्त अल्पसंख्यक माध्यमिक विद्यालय, मदरसा और संस्कृत विद्यालय के नौवीं और दसवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पाठ्य पुस्तक एवं कॉपी उपलब्ध कराई जाएगी। इसमें प्रतिवर्ष 4.84 करोड़ रुपए खर्च होंगे और इस निर्णय से 41,755 छात्र-छात्रा लाभान्वित होंगे।
Jharkhand यह अनिवार्य होगा कि वे सभी कर्मियों को एक न्यूनतम वेतनमान देना सुनिश्चित करें
एक अन्य फैसले के अनुसार, सरकारी विद्यालयों में नौवीं से 12वीं तक के छात्रों के बीच वितरण के लिए विज्ञान पत्रिका प्रकाशित की जाएगी। इसी तरह 11वीं-12वीं कक्षा के छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मासिक पत्रिकाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

