अंतरराष्ट्रीयराष्ट्रीयउत्तर प्रदेशउत्तराखंडपंजाबहरियाणाझारखण्डऑटोमोबाइलगैजेट्सखेलनौकरी और करियरमनोरंजनराशिफलव्यवसायअपराध

---Advertisement---

अमर ज्योति फाइनेंस कंपनी के निदेशकों की गिरफ्तारी के बाद रकम वापसी की जागी उम्मीद

On: September 10, 2026 6:20 PM
Follow Us:
---Advertisement---

अमर ज्योति फाइनेंस कंपनी के निदेशकों की गिरफ्तारी के बाद रकम वापसी की जागी उम्मीद

बदायूं। अमर ज्योति फाइनेंस कंपनी के सहारे अपने सुनहरे भविष्य के सपने देखने वाले निवेशकों को उस वक्त गहरा सदमा लगा था जब फाइनेंस कंपनी के निवेशक ठगी के बाद भाग गए थे।इसके बाद तमाम कानूनी कार्रवाई हुईं,लेकिन पैसा वापसी की उम्मीद खत्म हो चुकी थी।कंपनी में पैसा लगाते समय किसी ने बेटी की शादी का सपना देखा था,किसी ने अपना मकान खरीदने की तैयारी की थी तो किसी ने बच्चों की पढ़ाई और घर की जरूरतों के लिए रकम सुरक्षित समझकर जमा की थी।ऐसे में जब कंपनी में ताले लटके तो सभी यह मान चुके थे।कि उनकी रकम डूब चुकी है।मगर,अब निदेशकों की गिरफ्तारी के बाद निवेश करने वाले परिवारों में एक बार फिर रकम वापसी की उम्मीद जागी है।

पैसे की वापसी की उम्मीद:-कंपनी के बंद होने के बाद से निवेशक लगातार अपनी जमा पूंजी वापस मिलने का इंतजार कर रहे हैं। कई परिवारों की योजनाएं रकम फंसने के साथ ही अटक गईं।किसी की शादी टली तो किसी के मकान का सपना अधूरा रह गया। बच्चों की फीस और दूसरी जरूरी जरूरतों के लिए जुटाई गई बचत भी कंपनी में फंस गई।दोनों निदेशकों की गिरफ्तारी के बाद अब निवेशकों की निगाह पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी है।पुलिस रकम के लेनदेन और उसके ठिकानों की पड़ताल कर रही है। निवेशकों को उम्मीद है कि जांच में रकम की परतें खुलेंगी और उनकी मेहनत की कमाई वापस मिलने का रास्ता निकलेगा। हालांकि अभी रकम वापसी को लेकर कोई निश्चित स्थिति सामने नहीं आई है।

पुलिस की जांच:-किस-किस के नाम की सिम और वाईफाई इस्तेमाल की, होगा खुलासा अमर ज्योति फाइनेंस कंपनी के निदेशक भाइयों की फरारी के दौरान इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर और इंटरनेट कनेक्शन भी पुलिस की जांच के दायरे में हैं। पुलिस यह पता लगाएगी कि दोनों ने किन लोगों के नाम पर जारी सिम कार्ड इस्तेमाल किए और अलग-अलग ठिकानों पर इंटरनेट चलाने के लिए किसके वाईफाई का सहारा लिया।जांच टीम मोबाइल नंबरों की जानकारी जुटाने के साथ संबंधित लोगों से भी पूछताछ कर सकती है। इससे यह पता चल सकेगा कि फरारी के दौरान दोनों के संपर्क में कौन-कौन लोग थे और उन्हें छिपने या ठिकाने बदलने में किसने मदद की। रिमांड के दौरान यह कड़ी भी पुलिस के लिए अहम साबित हो सकती है।रिपोर्ट-जयकिशन सैनी 

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Reply