पुलिस कार्रवाई के चलते अभी पोर्टल से नहीं हटाए गए फर्जी प्रमाणपत्र
बदायूं।रुदायन नगर पंचायत में सामने आए 255 फर्जी जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्रों के मामले में अभी इन्हें पोर्टल से निरस्त नहीं किया गया है। पुलिस कार्रवाई के चलते प्रमाणपत्रों को पोर्टल पर सुरक्षित रखा गया है,ताकि जांच के दौरान इनसे संबंधित रिकॉर्ड और साक्ष्य उपलब्ध रहें। नगर पंचायत स्तर से प्रमाणपत्रों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार इन्हें निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।रुदायन नगर पंचायत में जन्म-मृत्यु पंजीकरण पोर्टल की जांच कराई गई,तो चौंकाने वाला मामला सामने आया। नगर पंचायत की अधिकृत आईडी से केवल रुदायन और इस्लामनगर के ही प्रमाण पत्र नहीं बनाए गए,बल्कि आजमगढ़, गोंडा, अलीगढ़,शाहजहांपुर, बरेली, संभल और मुरादाबाद समेत कई जिलों के लोगों के जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र भी जारी किए गए।
बड़ी संख्या में बाहरी जिलों के प्रमाण पत्र नगर पंचायत की आईडी से जारी होने पर अधिकारियों के होश उड़ गए हैं।मामला सामने आने के बाद नगर पंचायत ने 22 सितंबर को पुलिस को सूचना दी थी।पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की तो नगर पंचायत की आईडी और पासवर्ड के इस्तेमाल को लेकर कई अहम जानकारी सामने आई।आरोप है कि नगर पंचायत के पूर्व कंप्यूटर ऑपरेटर ने आईडी-पासवर्ड बाहरी जनसेवा केंद्रों और साइबर कैफे संचालकों तक पहुंचा दिए थे। इनके माध्यम से अलग-अलग स्थानों से प्रमाणपत्र तैयार किए जा रहे थे|अभी प्रमाणपत्र पोर्टल से हटाए नहीं गए हैं। पुलिस की जांच और अभिलेखों के सत्यापन के बाद फर्जी पाए जाने वाले प्रमाणपत्रों को नियमानुसार निरस्त किया जाएगा।-वेद पाल, ईओ रुदायन रिपोर्ट-जयकिशन सैनी

