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Sahaswan News: सहसवान में खेल मैदान की दुर्दशा, सवा ग्यारह बीघा मैदान का 65 प्रतिशत हिस्सा दूषित पानी से लबालब

On: November 2, 2026 5:22 PM
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Sahaswan News: (खेल मैदान बना दूषित पानी का डंपिंग सेंटर)

सहसवान में खेल मैदान की दुर्दशा, सवा ग्यारह बीघा मैदान का 65 प्रतिशत हिस्सा दूषित पानी से लबालब

नगर पालिका की लापरवाही से बच्चों की खेल प्रतिभा पर लगा ग्रहण, मच्छरों और दुर्गंध से आसपास के लोगों का जीना हुआ दुश्वार

सहसवान। नगर सीमा के मध्य नगर का एकमात्र खेल मैदान इन दिनों गंदे और दूषित पानी का डंपिंग सेंटर बनकर रह गया है।प्रमोद संस्कृत महाविद्यालय के खेल मैदान में जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण नगर पालिका का पूरा सफाई एवं जल निकासी तंत्र सवालों के घेरे में है।हालात यह हैं कि मोहल्ला ईसापुर नवादा स्थित गाटा संख्या 75,(रकबा 948) लगभग सवा ग्यारह बीघा क्षेत्रफल वाले इस खेल मैदान का करीब 65 प्रतिशत हिस्सा दूषित पानी से भरा हुआ है।मैदान में जगह-जगह गंदगी और जल-भराव होने से बच्चों के खेलने और अपनी खेल प्रतिभा को निखारने का अवसर छिन गया है।
बताया जाता है कि कई माह से मैदान में न तो कोई खेल प्रतियोगिता आयोजित हुई है और न ही टूर्नामेंट और न ही खेल मनोरंजन के साधन जुटा पा रहे हैं।जिस मैदान में कभी बच्चे खेलकूद कर अपना मनोरंजन एवं अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते थे, आज वहां दूषित पानी और गंदगी का साम्राज्य है। मैदान के आसपास से निकलने वाले दूषित पानी के कारण सड़कों पर भी जलभराव और गंदगी फैल रही है।

मैदान में लंबे समय से पानी भरा रहने के कारण मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है।पानी में मछलियां दिखाई देने लगी हैं,जबकि दुर्गंध के कारण आसपास रहने वाले लोगों का जीना दूभर हो गया है।मैदान के निकट स्थित प्रमोद इंटर कॉलेज और पंजाब नेशनल बैंक, केनरा बैंक रिलायंस मोबाइल कलेक्शन सेंटर आने-जाने वाले विद्यार्थियों, शिक्षकों,ग्राहकों एवं राहगीरों को दिन-भर मच्छरों का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय आबादी के लोगों को भी संक्रामक बीमारियां फैलने का भय सता रहा है।लोगों का कहना है कि मच्छरों के बढ़ते प्रकोप के चलते वे जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकलते हैं।इसके बावजूद नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से खेल मैदान को दूषित पानी के डंपिंग सेंटर से मुक्त कराने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
हैरानी की बात यह है कि इस मार्ग से दिनभर अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों का आवागमन होता रहता है, लेकिन किसी की नजर नगर के एकमात्र खेल मैदान की बदहाली पर नहीं पड़ रही है।नगर के जागरूक नागरिकों की ओर से भी अभी तक आला अधिकारियों के समक्ष इस समस्या को प्रमुखता से उठाने की पहल भी नहीं की गई है।
अब सवाल यह उठता है।कि आखिर नगर के बच्चों को खेल प्रतिभा निखारने के लिए स्वच्छ खेल मैदान कब मिलेगा।क्या नगर पालिका प्रशासन जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त कर इस ऐतिहासिक खेल मैदान को दूषित पानी और गंदगी से मुक्त करा पाएगा।इस बाबत प्रमोद संस्कृत महाविद्यालय के प्रबंधक से भी संपर्क करने का प्रयास किया गया परंतु संपर्क नहीं हो सका।
इस बाबत अधिशासी अधिकारी जितेंद्र कुमार से नगर पालिका द्वारा खेल मैदान को दूषित पानी का जल केंद्र बनाए जाने के बाबत क्या कार्यवाही करेंगे उन्होंने कहा कि वह शीघ्र ही मौके का निरीक्षण करके समस्या का समाधान करने का प्रयास करेंगे।रिपोर्ट-एस.पी.सैनी 

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