Chardham Yatra 2025 : चारधाम यात्रा 2025 के दौरान तीर्थयात्रियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए जल्द ही एसओपी (Standard Operating Procedure) जारी की जाएगी। इस बार स्वास्थ्य विभाग तीर्थयात्रियों के लिए जीरो डेथ की रणनीति तैयार कर रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की आकस्मिक मृत्यु को रोकना है। इसके तहत यात्रा मार्गों पर मेडिकल रिस्पांस पोस्ट (एमआरपी) और स्क्रीनिंग प्वाइंट्स की संख्या बढ़ाई जाएगी। यात्रा पंजीकरण के दौरान तीर्थयात्रियों से उनकी स्वास्थ्य जानकारी भी ली जाएगी, ताकि किसी प्रकार की आपात स्थिति से निपटा जा सके।
Chardham Yatra 2025 : चिकित्सा स्टाफ और प्रशिक्षण व्यवस्था
यात्रा के दौरान 200 डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को रोटेशन के आधार पर तैनात किया जाएगा। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज दून और श्रीनगर में स्वास्थ्य संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने बैठक में अधिकारियों को यात्रा मार्गों पर 26 एमआरपी और 50 स्क्रीनिंग प्वाइंट्स की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। इसके लिए जगहों का चयन शीघ्र किया जाएगा और आवश्यक तंत्र को लागू किया जाएगा।
Chardham Yatra 2025 : स्वास्थ्य प्रोफाइल और स्वास्थ्य मित्रों की नियुक्ति
इस बार यात्रा में शामिल होने वाले 50 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य धाम पोर्टल पर पंजीकरण करवाना अनिवार्य होगा, जिसमें उन्हें अपनी स्वास्थ्य प्रोफाइल देनी होगी। इसके अलावा, यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सहायता के लिए संविदा पर स्वास्थ्य मित्रों की नियुक्ति की जाएगी। स्वास्थ्य सचिव ने श्रीनगर मेडिकल कॉलेज से यात्रा के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी करने का निर्देश भी दिया।
Chardham Yatra 2025 : निगरानी और जन जागरूकता अभियान
चारधाम यात्रा से संबंधित स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए महा निदेशालय में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। यह कंट्रोल रूम यात्रा से जुड़ी सभी स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी करेगा और संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश प्रदान करेगा। यात्रा मार्ग, बस स्टॉप, होटल और अन्य प्रमुख स्थानों पर स्वास्थ्य संबंधी एडवाइजरी और निकटवर्ती स्वास्थ्य केंद्रों का विवरण फ्लेक्स और बैनर के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा, ताकि तीर्थयात्रियों को किसी भी आपात स्थिति में सहायता मिल सके। जिलाधिकारियों से समन्वय कर इन व्यवस्थाओं को सुनिश्चित किया जाएगा।

