श्रीनगर: Amarnath Yatra तीन जुलाई से शुरू होने से पहले सुरक्षा बलों ने वार्षिक तीर्थयात्रा के लिए तैयारियों एवं समन्वय का आकलन करने के लिए बुधवार को कश्मीर के कई जिलों में व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया।
Amarnath Yatra के लिए 3.5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने कराया ऑनलाइन पंजीकरण
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और अन्य प्रमुख नागरिक एवं बचाव एजेंसियों के सहयोग से श्रीनगर, अनंतनाग, कुलगाम, अवंतीपोरा, बांदीपोरा और गंदेरबल में समन्वित अभ्यास किया गया।
पुलिस ने कहा कि इन अभ्यासों का उद्देश्य Amarnath Yatra मार्गों एवं आधार शिविरों पर किसी भी संभावित आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना था।
श्रीनगर में पुलिस ने विभिन्न रणनीतिक स्थानों पर बड़े पैमाने पर अभ्यास किया, जिसमें वास्तविक समय की आपातकालीन स्थितियों का अनुकरण किया गया। अभ्यास का उद्देश्य परिचालन तत्परता, अंतर-एजेंसी समन्वय, संचार प्रणाली एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रोटोकॉल का मूल्यांकन करना था।
इसमें अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं, एम्बुलेंस सेवाएं, स्वास्थ्य विभाग, एसडीआरएफ, यातायात विभाग और नागरिक प्रशासन जैसी एजेंसियां प्रमुख रूप से शामिल हुई।
Amarnath Yatra कश्मीर के कई जिलों में व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया
अभ्यास शुरू होने से पहले, जम्मू-कश्मीर पुलिस के जोनल और सेक्टर अधिकारियों ने सभी शामिल इकाइयों के लिए विस्तृत एसओपी ब्रीफिंग का आयोजन किया। वास्तविक समय की निगरानी, निर्बाध संचार प्रवाह और समन्वित प्रतिक्रिया प्रयासों पर बल दिया गया।

