बेंगलुरु। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने पावर हेड टेस्ट आर्टिकल (पीएचटीए) का तीसरा हॉट टेस्ट सफलतापूर्वक पूरा कर मील का पत्थर हासिल किया है। तमिलनाडु के महेंद्रगिरि के इसरो प्रोपल्शन कांप्लैक्स (आइपीआरसी) में यह सफल परीक्षण किया गया।
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इसरो के अनुसार, इसरो के राकेट में सेमीक्रायोजेनिक इंजन का उपयोग करने का मार्ग प्रशस्त करने के लिए ये परीक्षण किए जा रहे हैं।
ISRO सेमी-क्रायोजेनिक इंजन कर रहा विकसित
गौरतलब है कि इसरो सेमी-क्रायोजेनिक इंजन विकसित कर रहा है। इसका उद्देश्य राकेट की पेलोड क्षमता बढ़ाना और भविष्य के प्रक्षेपण यानों को अधिक थ्रस्ट या ताकत देना है।

