नई दिल्ली। Prime Minister modi ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता के बाद सोमवार रात आठ बजे को देश को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने यह स्पष्ट किया कि पाकिस्तान से अगर बात होगी, तो सिर्फ पीओके पर होगी। इसके अलावा, उन्होंने एक बार फिर अपनी नीति स्पष्ट करते हुए कहा कि पानी और खून एक साथ नहीं बह सकते।
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देश के नाम संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “मैं अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को यह भी बताना चाहूंगा कि हमारी घोषित नीति स्पष्ट रही है। अगर पाकिस्तान से बातचीत होगी तो वह सिर्फ आतंकवाद के बारे में होगी, अगर पाकिस्तान से बातचीत होगी तो वह सिर्फ पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) के बारे में होगी।”
उन्होंने कहा कि आज बुद्ध पूर्णिमा है, मानवता को शांति और समृद्धि की ओर बढ़ना चाहिए, ताकि हर भारतीय शांति से रह सके और विकसित भारत के सपने को साकार कर सके। इसके लिए भारत का शक्तिशाली होना जरूरी है और जरूरत पड़ने पर इस शक्ति का उपयोग करना भी जरूरी है। और पिछले कुछ दिनों में भारत ने ठीक यही किया है।
Prime Minister modi अगर पाकिस्तान को बचना है तो उसे अपने आतंक के ठिकानों को खत्म करना ही होगा
Prime Minister modi ने अपने संबोधन के दौरान यह भी कहा कि अगर पाकिस्तान को बचना है तो उसे अपने आतंक के ठिकानों को खत्म करना ही होगा। भारत का रुख बिल्कुल स्पष्ट है: आतंक और वार्ता साथ-साथ नहीं चल सकते, आतंक और व्यापार एक साथ नहीं रह सकते। पानी और खून एक साथ नहीं बह सकता।
उन्होंने कहा कि यह युद्ध का युग नहीं है, लेकिन यह आतंकवाद का युग भी नहीं है। आतंकवाद के खिलाफ शून्य-सहिष्णुता की नीति एक बेहतर दुनिया की गारंटी है। आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली पाकिस्तानी सेना और सरकार एक दिन खुद पाकिस्तान को खत्म कर देगी। हम भारत और उसके नागरिकों को किसी भी खतरे से बचाने के लिए निर्णायक कदम उठाते रहेंगे। युद्ध के मैदान में हमने हमेशा पाकिस्तान को हराया है और इस बार ऑपरेशन सिंदूर ने एक नया आयाम जोड़ा है।

