up news गजरौला:- सुविख्यात महाकवयित्री एवं ‘मधुरम’ संस्था की अध्यक्ष डॉ.मधु चतुर्वेदी की नवीनतम कृति ‘कुण्डलिया नीति-शतक का लोकार्पण एक काव्य गोष्ठी का आयोजन हाइवे स्थित भजन रेस्टोरेंट में किया गया।
up news गोष्ठी में देश के ख्यातिप्राप्त रचनाकारों के साथ साथ स्थानीय कवियों ने भी अपनी रचनाएं प्रस्तुत करके सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मिर्जापुर से आए मुख्य अतिथि देवेन्द्र देव ‘मिर्जापुरी’, विशिष्ट अतिथि डॉ.राजेश सारस्वत व डॉ.मधु चतुर्वेदी ने मां सरस्वती की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्जवलित करके किया।
UP News:भगवान शिव के कांवड़ियों के आवागमन के चलते वातावरण भक्तिमय हो गया।
up news मुख्य अतिथि ने महाकवयित्री डॉ. मधु चतुर्वेदी द्वारा की जा रही साहित्य सेवा की मुक्त कंठ से प्रशंसा की, कहा कि आज मधु चतुर्वेदी का नाम साहित्य क्षितिज पर सुनहरे अक्षरों से अलंकृत है। उन्होंने अपने साहित्य के माध्यम से गजरौला की पहचान भारत के साथ साथ विरेशों में भी बढ़ाई है। उन्होंने अपने मार्गदर्शन में अनेकों प्रतिभाओं को मार्गदर्शन व मंच प्रदान करके आगे बढ़ाने का कार्य किया है। गोष्ठी में मुख्य अतिथि देवेन्द्र देव मिर्जापुरी ने अपनी पंक्तियां पढ़ते हुए कहा कि ‘हे नारी।

तुम कोमलता की पराकाष्ठा हो जग में, किन्तु नहीं हिमगिरि से कमतर हो अपन जीवन मग में। ‘कवि मुत्युन्जय साधक ने कहा कि, ‘है दिल की बात तुझसे मगर खोल रहा हूँ, मैं चुप्पियों में आज बहुत बोल रहा हूँ। संस्था के महासचिव डॉ. चंतन आनंद ने पढ़ा कि ‘चार शायर मिल गए तो शायरी होनी ही थी। इन अंधेरों में फिर से रोशनी होनी ही थी।
up news ‘शशि त्यागी ने कहा कि, ‘अब कहीं खोल तमाशं नजर नहीं आते, अब जमीं पर सितारे नजग नहीं आते।’
डॉ. अंजु सुमन साधना ने कहा कि, ‘प्यासे पंछी मारते. रहतं अनगिन चोंच, पानी पर पड़ती नहीं, फिर भी एक खरोंच ‘। सफर अमरोहवी ने कहा कि, ‘अगर पत्थर नहीं तो आग फिर हम, रगड़कर एड़ियां पैदा करेंगे।”
कार्यक्रम में डॉ. राजेश सारस्वत, डॉ.यतीन्द्र कटारिया, चेतन रामकिशन ‘देव’, रेखा रानी, इंदु रानी, मधुमदन चतुर्वेदी, अजय जुगगरान आदि रचनाकारों ने अपनी रचनाएं पढ़कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कृति के विमोचन के अवसर पर महाकवयित्री डॉ.मधु चतुर्वेदी भावुक हो गयीं, उन्होंने कहा कि वे साहित्य की सेवा इसी लय व तन्मयता के साथ करती रहेंगी।
उन्होंने अपने महाकाव्य ‘देवयानी’ सहित अपने द्वारा लिखित कृतियों पर भी रोशनी डाली। इस अवसर पर कमल अग्रवाल, सम्राट अग्रवाल, डॉ.मंजू सिंह, आयुषी, तनुजा, नीतू आदि मौजूद रहे।

