Kanpur आतंक के बल पर देश में शरिया कानून लागू कराने की साजिश के तहत आतंकी घटनाओं में शामिल कमरुज्जमा उर्फ डॉ. हुरैरा उर्फ कमरुद्दीन को विशेष न्यायाधीश एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) कोर्ट विवेकानन्द शरण त्रिपाठी ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। आरोप था कि उसने अपने दो साथियों के साथ मिलकर कानपुर में प्रसिद्ध सिद्धि विनायक मंदिर, जेके मंदिर और गणेश मंदिर को बम से उड़ाने की साजिश की थी।
प्रतिबंधित आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल होकर वह कानपुर में रहकर देश विरोधी गतिविधियां संचालित कर रहा है। असम के जमुनामुख, होजाई के गांव सराकपिली का रहने वाले कमरुज्जमा को आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने Kanpur के चकेरी क्षेत्र से वर्ष 2018 गिरफ्तार किया था।एटीएस की विवेचना के दौरान उसके पास से आतंकवादी संगठन से जुड़े होने के पर्याप्त साक्ष्य पाए गए थे। मामला देश की सुरक्षा से जुड़ा होने के कारण विवेचना सितंबर 2018 को एनआइए को सौंप दी गई थी।

