लखनऊ में नियुक्ति पत्र वितरण
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार, 5 नवंबर को लखनऊ में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की परीक्षा से चयनित नवनियुक्त वैज्ञानिक अधिकारियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। ये अधिकारी अब राज्य की फॉरेंसिक व्यवस्था का हिस्सा बनेंगे। मुख्यमंत्री ने नए अधिकारियों को अग्रिम बधाई देते हुए कहा कि अपराधों की निष्पक्ष जांच, ठोस वैज्ञानिक साक्ष्य और दोषियों को समय पर सजा ही मजबूत न्याय व्यवस्था की नींव है।
फॉरेंसिक विज्ञान पर जोर
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि वैज्ञानिक जांच और तकनीकी एकीकरण से ही न्याय व्यवस्था मजबूत हो सकती है। उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक विज्ञान की भूमिका सार्वजनिक सुरक्षा बनाए रखने में अहम है और प्रदेश सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है। नवनियुक्त अधिकारियों को प्रदेश के विभिन्न जिलों की फॉरेंसिक इकाइयों में तैनाती दी जाएगी, जिससे जांच की गुणवत्ता और गति दोनों में सुधार की उम्मीद है।
युवाओं के लिए रोजगार का संदेश
राज्य सरकार का कहना है कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया से युवाओं को सरकारी नौकरी के मौके मिल रहे हैं। UPPSC के माध्यम से चयनित अधिकारियों को नियुक्ति पत्र मिलने से प्रदेश के युवाओं में भरोसा बढ़ा है। मुख्यमंत्री ने इससे पहले बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट के उस फैसले का भी स्वागत किया था, जिसमें अग्निवीरों को दो साल की अतिरिक्त सेवा का विकल्प दिया गया है। उन्होंने कहा था कि पहले से तय व्यवस्था के तहत 25 प्रतिशत अग्निवीर मेरिट के आधार पर नियमित सेवा में चुने जाएंगे, जबकि बाकी 75 प्रतिशत को स्वैच्छिक आधार पर दो साल की अतिरिक्त सेवा का मौका मिलेगा।
आगे की तैयारी
प्रदेश सरकार का कहना है कि फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं के आधुनिकीकरण और प्रशिक्षित अधिकारियों की तैनाती से आपराधिक मामलों की जांच में तेजी आएगी। अधिकारियों को जल्द ही अपने कार्यस्थल पर जॉइन करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का मानना है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों पर आधारित जांच से अदालतों में मामलों का निपटारा भी तेज होगा और दोषियों को सजा दिलाने में मदद मिलेगी।
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