2 नवंबर से सेवाएं बंद
जोशीमठ हेलिकॉप्टर हादसे के बाद लाए गए दो-पायलट नियम के विरोध में चारधाम चार्टर ऑपरेटरों ने सोमवार 2 नवंबर से अपनी सेवाएं निलंबित कर दी हैं। रविवार को UCADA को लिखे पत्र में ऑपरेटरों ने कहा था कि नियम वापस न लिया गया तो 2 नवंबर से उड़ानें बंद रहेंगी। सोमवार सुबह एक वरिष्ठ UCADA अधिकारी ने पुष्टि की कि देहरादून से ऊपर कोई यात्री नहीं ले जाया जा रहा है, जबकि शिखरों से तीर्थयात्रियों को वापस लाया जा रहा है। चॉपर कंपनियों, DGCA और UCADA के प्रतिनिधियों के बीच बैठक चल रही है।
क्या है नया नियम
उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) ने 31 अक्टूबर को DGCA अधिकारियों के साथ बैठक के बाद चारधाम चार्टर उड़ानों में ‘दो-पायलट क्रू’ अनिवार्य कर दिया था। UCADA के सीईओ प्रतीक जैन ने बताया था कि यह नियम 2 नवंबर से लागू होगा और सह-पायलट भी पहाड़ी उड़ान के लिए योग्य होना चाहिए। इसके साथ ही हर उड़ान के लिए मंजूरी और लैंडिंग के बाद रिपोर्ट की व्यवस्था भी तय की गई।
ऑपरेटरों की दलीलें
ऑपरेटरों का कहना है कि दूसरा पायलट रखने से क्रू, आवास और लॉजिस्टिक खर्च काफी बढ़ जाएगा, जिससे संचालन महंगा हो जाएगा। उन्होंने सुरक्षा चिंताओं को भी उठाया — खासकर उड़ान मार्गों पर ड्रोन और पैराग्लाइडिंग के खतरों का। UCADA के सीईओ ने कहा कि ड्रोन टकराने की संभावना जांच में शामिल कर ली गई है और ग्राउंड से बने वीडियो में दिख रही दूसरी वस्तु की पहचान की जा रही है।
पृष्ठभूमि: 30 अक्टूबर का हादसा
30 अक्टूबर को बदरीनाथ से देहरादून जा रहा ट्रांस भारत एविएशन का हेलिकॉप्टर जोशीमठ के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें पायलट समेत सभी 6 लोगों की मौत हो गई थी। DGCA की टीम देहरादून में प्रारंभिक जांच कर रही है और AAIB की विस्तृत जांच चल रही है। एहतियात के तौर पर कंपनी का पूरा बेड़ा ग्राउंडेड कर दिया गया है।
हादसे के सभी शव AIIMS ऋषिकेश पहुंचाए जा चुके हैं, जबकि दो-पायलट नियम की घोषणा पहले ही की जा चुकी है।

