देहरादून में ब्लॉक प्रमुखों का सम्मेलन
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार 1 नवंबर को देहरादून के मुख्य सेवक सदन में ‘उत्तराखंड प्रमुख संगठन सम्मेलन 2026’ को संबोधित किया और ब्लॉक पंचायत प्रतिनिधियों के लिए चार ठोस घोषणाएं कीं। कार्यक्रम में प्रदेश भर से आए ब्लॉक प्रमुख और पंचायत प्रतिनिधि मौजूद रहे।
चार बड़ी घोषणाएं
पहली घोषणा — लंबे समय से बंद पड़ी ‘क्षेत्र पंचायत निधि’ (Kshetra Panchayat Nidhi) को फिर से चालू किया जाएगा, जिससे ब्लॉक निकायों को सीधी वित्तीय ताकत मिलेगी। दूसरी — ब्लॉक पंचायत प्रतिनिधियों के मानदेय और भत्ते बढ़ाए जाएंगे, क्योंकि वर्तमान मानदेय उनकी जिम्मेदारियों के मुकाबले कम है। तीसरी — राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) की ब्लॉक-स्तरीय समितियों में अब ब्लॉक पंचायत प्रमुख भी शामिल होंगे, जिससे ग्रामीण आजीविका योजनाओं में उनकी भागीदारी बढ़ेगी। चौथी — किसी भी ग्रामीण क्षेत्र को शहरी निकाय में मिलाने से पहले संबंधित ग्राम पंचायत से औपचारिक परामर्श अनिवार्य होगा।
₹721 करोड़ का प्रावधान
राज्य के अनुपूरक बजट में स्थानीय निकायों के लिए ₹721 करोड़ का प्रावधान रखा गया है, जिससे राज्य के कर राजस्व में स्थानीय निकायों की हिस्सेदारी छठे राज्य वित्त आयोग की सिफारिश पर 10.5 प्रतिशत से बढ़कर 12.5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों निकायों को अतिरिक्त संसाधन मिलेंगे।
आगे क्या
घोषणाओं को लागू करने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं। पंचायत प्रतिनिधियों का मानना है कि निधि चालू होने से गांव-स्तर पर विकास कार्य तेज होंगे।
ग्राम पंचायतों की भूमिका के साथ युवाओं के लिए रन फॉर यूनिटी जैसे कार्यक्रम भी चल रहे हैं, जबकि अनुपूरक बजट के प्रावधानों से विकास को गति मिलने की उम्मीद है।

