भारत के हाई-स्पीड रेल नेटवर्क को बड़ी रफ्तार मिलने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुलेट ट्रेन के नॉर्दर्न कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को वाराणसी में इसकी घोषणा करते हुए कहा कि यह कॉरिडोर दिल्ली से शुरू होकर गुवाहाटी (असम) तक जाएगा।
UP के ये शहर जुड़ेंगे
नॉर्दर्न कॉरिडोर दिल्ली से शुरू होकर आगरा, कानपुर, लखनऊ और अयोध्या से होता हुआ वाराणसी पहुंचेगा, फिर पटना (बिहार) और सिलीगुड़ी होते हुए गुवाहाटी तक जाएगा। यानी उत्तर प्रदेश के पांच बड़े शहर सीधे बुलेट ट्रेन से जुड़ जाएंगे।
कितना लगेगा समय
रेल मंत्री के अनुसार कॉरिडोर पूरा होने पर दिल्ली से आगरा सिर्फ 59 मिनट, कानपुर 1 घंटा 45 मिनट, लखनऊ 2 घंटे 12 मिनट और वाराणसी 3 घंटे 33 मिनट में पहुंचा जा सकेगा। वाराणसी से प्रयागराज की दूरी महज 33 मिनट में तय होगी।
किराया होगा किफायती
वैष्णव ने कहा कि विपक्ष यह भ्रम फैलाता है कि बुलेट ट्रेन सिर्फ अमीरों के लिए है, जबकि इसका किराया हवाई जहाज के टिकट से काफी कम रखा जाएगा, ताकि आम आदमी भी हाई-स्पीड यात्रा का लाभ उठा सके।
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मुंबई-अहमदाबाद के बाद दूसरा बड़ा कॉरिडोर
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर काम पहले से चल रहा है, और नॉर्दर्न कॉरिडोर इसके बाद देश का दूसरा बड़ा हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट होगा। रेलवे के अनुसार दोनों कॉरिडोर के पूरा होने पर भारत हाई-स्पीड रेल के नक्शे पर मजबूती से उभरेगा। UP के लिए यह निवेश, रोजगार और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी — तीनों लिहाज से गेमचेंजर साबित हो सकता है।
पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा
वाराणसी, अयोध्या और लखनऊ जैसे धार्मिक-ऐतिहासिक शहरों के बुलेट ट्रेन से जुड़ने से पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। कारोबारी भी दिन में आकर काम निपटाकर लौट सकेंगे। रेलवे के अनुसार प्रोजेक्ट से निर्माण के दौरान हजारों रोजगार भी पैदा होंगे।
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