उत्तर प्रदेश के लिए शनिवार का दिन ऐतिहासिक रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी-दिल्ली कॉरिडोर पर देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का उद्घाटन किया। यह ट्रेन भारत के स्वदेशी सेमी-हाई-स्पीड रेल प्लेटफॉर्म का नया अवतार है, जिसमें रात की यात्रा के लिए स्लीपिंग बर्थ की सुविधा दी गई है।
काशी से राजधानी तक रातभर का सफर
वंदे भारत एक्सप्रेस अब तक सिर्फ चेयर कार में चलती थी, लेकिन स्लीपर वेरिएंट के आने से यात्री रातभर आराम से सोते हुए वाराणसी से नई दिल्ली पहुंच सकेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने X पर इस दोहरी सौगात की घोषणा करते हुए कहा कि यह ‘नए उत्तर प्रदेश’ की दिशा में एक और बड़ी छलांग है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव भी उद्घाटन समारोह में मौजूद रहे।
युवाओं के लिए कौशल-रोजगार योजना
इसी दिन PM मोदी ने सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम पर कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार क्षेत्र विकास योजना की भी शुरुआत की। इस राज्य स्तरीय योजना का मकसद UP के युवाओं को व्यावसायिक कौशल देकर रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ना है। योजना का नाम पटेल की 151वीं जयंती के मौके पर रखा गया है।
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क्यों अहम है यह लॉन्च
वाराणसी देश का प्रमुख आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र है, और दिल्ली से इसकी कनेक्टिविटी मजबूत होने से पर्यटन और व्यापार दोनों को बढ़ावा मिलेगा। रेलवे के अनुसार वंदे भारत स्लीपर में आधुनिक सुविधाएं — आरामदायक बर्थ, बेहतर सस्पेंशन और तेज रफ्तार — यात्रियों को हवाई यात्रा जैसा अनुभव देंगी।
ट्रेन की खासियतें
वंदे भारत स्लीपर में एसी फर्स्ट, सेकंड और थर्ड क्लास के बर्थ होंगे। आधुनिक सस्पेंशन, बेहतर साउंड इंसुलेशन और तेज रफ्तार के साथ यह ट्रेन रात की यात्रा को आरामदायक बनाएगी। रेलवे का लक्ष्य है कि लंबी दूरी के यात्री अब राजधानी एक्सप्रेस जैसे विकल्पों के साथ-साथ स्वदेशी स्लीपर ट्रेन का भी लाभ उठा सकें।
रिपोर्टों के अनुसार आने वाले समय में इस तरह की स्लीपर ट्रेनें अन्य प्रमुख कॉरिडोर पर भी चलाई जाएंगी।
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