आजमगढ़। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने आजमगढ़ विधानसभा क्षेत्र 347 की हिंदी मतदाता सूची में “विकास यादव” नाम 13 बार मिलने के मामले में 9 चुनाव कर्मियों पर कार्रवाई के आदेश दिए हैं। 3 पर्यवेक्षी अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही होगी, जबकि 5 बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) और 1 कंप्यूटर सहायक को चुनाव ड्यूटी से हटाया गया है, साथ ही बर्खास्तगी के नोटिस और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 32 के तहत कार्यवाही की प्रक्रिया शुरू की गई है।
जांच में नाम आए अधिकारी: तत्कालीन सदर SDM/निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी नरेंद्र गंगवार, सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी डॉ. मोनिका अग्रवाल और तत्कालीन सदर नायब तहसीलदार/सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी माधवेंद्र प्रताप सिंह। जांच की बारीकी यह भी है कि 13 में से 2 प्रविष्टियां पहले ही हटा दी गई थीं, और बाकी 11 अलग-अलग गांवों के अलग-अलग व्यक्तियों से जुड़ी थीं — शिकायत में cited असली विकास यादव सिर्फ 1 था। यानी डेटा में गड़बड़ी साबित हुई, लेकिन कई बार मतदान या सोची-समझी साजिश साबित नहीं हुई। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने 15 अक्टूबर 2026 की प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह मुद्दा उठाया था, जिसके बाद CEO नवदीप रिणवा ने जिले की सभी विधानसभा क्षेत्रों की सूची की एक हफ्ते में जांच के निर्देश दिए हैं।
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