अंतरराष्ट्रीयराष्ट्रीयउत्तर प्रदेशउत्तराखंडपंजाबहरियाणाझारखण्डऑटोमोबाइलगैजेट्सखेलनौकरी और करियरमनोरंजनराशिफलव्यवसायअपराध

---Advertisement---

गोवंशो की मौंत का मामला: संचालक पर सचिव के साथ मिलकर सरकारी धन निजी उपयोग में खर्च करने का आरोप

On: September 30, 2026 1:52 PM
Follow Us:
---Advertisement---

गोवंशो की मौंत का मामला:  संचालक पर सचिव के साथ मिलकर सरकारी धन निजी उपयोग में खर्च करने का आरोप

गायों को उचित चारा-पानी, चोकर और मौसम से बचाव की उचित व्यवस्था नहीं कराई गई

उसहैत। ग्राम पंचायत टिकरी पुख्ता में संचालित अस्थायी गोशाला में गोवंशों की मौतों ने प्रशासन व पशुपालन की पोल खोल दी है। प्रशासक महताब सिंह ने तहरीर देकर उसहैत थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि गोशाला का संचालन 20 जून 2025 से दानवीर जन कल्याण सेवा समिति कर रही है।28 सितंबर को गोशाला में 155 गायें थीं। सरकार से 50 रुपये प्रति गाय प्रतिदिन के हिसाब से 7750 रुपये रोज और 2,32,500 रुपये महीना मिलता है।आरोप है कि संचालक दानवीर यादव, कुलदीप, दर्शन सिंह व सचिव अलख निरंजन ने सरकारी धन का बंदरबांट कर अपने निजी उपयोग में लिया।

गायों को उचित चारा-पानी,चोकर और मौसम से बचाव की व्यवस्था नहीं दी गई,जिससे गोवंश भूख से तड़प कर मर रहे हैं। मरने वाली गायों को बिना पोस्टमॉर्टम ट्रैक्टर से फेंक दिया जाता है।उनकी जगह नई गायें केयर टेकर रख लेते हैं। गोशाला में करीब 100 से अधिक गायें बिना टैग के मिलीं।सरकारी धन का अपने निजी उपयोग में बंदरबांट किया।यहां पांच गोवंश की मौत हुई थी।
वहीं दूसरे मामले में टिकाई पुख्ता ग्राम पंचायत की द्विकली पुख्ता में अस्थायी गोशाला में गोवंशों की मौत के मामले में नरेशपाल की तहरीर पर चार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।कोनका नगला निवासी नरेशपाल सिंह ने तहरीर में बताया कि नगला क्षेत्रीय लेखपाल के साथ गोशाला पर पहुंचा तो दो गायें मृत और 4 गायें मरणासन्न अवस्था में मिलीं।लेखपाल के साथ दूसरी ग्राम पंचायत जाने और वापस आने पर गायों को दफना दिया गया था।गांव के वीरपाल ने बताया कि सचिव के फोन पर इन लोगों ने गायों को दफना है।सभी मृत गायों को बिना पोस्टमॉर्टम कराए ट्रैक्टर से फेंक दिया।जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि गोशाला में 100 गायें बिना टैग की हैं,जो गायें मर जाती हैं,उनकी जगह पड़ोसी जनपद कासगंज के गांवों से नई गायें लाकर गिनती पूरी कर ली जाती है। लेखपाल के निरीक्षण में गोशाला में 180 गोवंश मिले,जबकि 200 गोवंशों का पैसा निकाला जा रहा था।तहरीर के आधार पर पशुओं के साथ क्रूरता करने,गोवध अधिनियम और सरकारी धन के गबन के मामले में गोशाला संचालक दानवीर यादव,कुलदीप,दर्शन सिंह और सचिव अलख निरंजन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।

मृत गोवंशों को बिना पोस्टमॉर्टम कराए तड़के दफना दिया:-उसावां क्षेत्र के वीरमपुर भदेली स्थित गोशाला में सोमवार देर रात दस गोवंशों की मौत हो गई।इसके बाद गोवंशों को पोस्टमॉर्टम कराए बिना ही मंगलवार सुबह दफना दिया गया।फार्मासिस्ट सतीश चंद्र सैनी ने बताया कि अभिगांव स्थित गोशाला से 15 गोवंश वीरमपुर भदेली की वृहद गोशाला में लाए गए थे।इनमें कुछ गोवंश मरणासन्न हालत में थे।उन्होंने बताया कि पांच गोवंशों की मंगलवार की सुबह मौत हो गई।वहीं, वायरल वीडियो में इनकी संख्या दस दिखाई दे रही है।उन्हें दफन करने की प्रक्रिया चल रही थी।रिपोर्ट-जयकिशन सैनी 

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Reply