बदायूं में हादसा: बंदर से चप्पल छुड़ाने के प्रयास में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आया छात्र, करंट लगने से मौत
बदायूं। इस्लामनगर क्षेत्र के फिरोजपुर गवराह में शनिवार को बंदर से चप्पल छुड़ाने के प्रयास में छत पर गए किशोर अंश राघव की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मौत हो गई।अंश नौवीं में पढ़ता था। इस घटना से परिवार में कोहराम मच गया।पिता रवि राघव ने बताया कि अंश छत पर कमरे में पढ़ रहा था।बंदर कमरे से अंश की चप्पल ले गया।वह बंदर के पीछे भागता हुआ पड़ोसी की छत पर पहुंच गया।वह वहां से गुजर रही 11 हजार की हाइटेंशन लाइन की चपेट में आकर झुलस गया।इससे उसकी मौत हो गई।एक्सईएन बिसौली नरेंद्र चौधरी ने बताया कि क्षेत्र में 80 गांव है, जहां हाइटेंशन लाइन गुजर रही है।कई बार लाइनों को हटाने के लिए वित्तीय अनुमति मांगी गई,लेकिन अनुमति नहीं मिल पाने से लाइन हट नहीं पाई है।
मेरे इकलौते भाई को क्यों छीन लिया भगवान:-अंश की मौत के बाद घर में चीख-पुकार मची हुई है। मां और बहन का रो-रोकर बुरा हाल हुआ है। बहन सोनाक्षी बार-बार रोते हुए चिल्लाकर भगवान से कह रही थी कि भगवान आप ने मेरे इकलौते भाई को क्यों छीन लिया। दिनभर गांव की महिलाएं पीड़ित परिवार की महिलाओं को सांत्वना देती रहीं।

स्कूल पहुंच जाता तो अंश जीवित होता:-अंश की मौत के बाद पिता रवि बदहवास हो गए। पूरा गांव रवि के इकलौते बेटे की मौत के बाद उनके घर पर एकत्र हुआ। घर के बाहर ग्रामीण चर्चा कर रहे थे कि अगर अंश स्कूल जाते समय आधे रास्ते से लौटकर नहीं आता और स्कूल चला जाता तो शायद ये हादसा होने से बच जाता।
घरों की छतों के पास झूल रहीं हाईटेंशन लाइनें:-गांव फिरोजपुर गवराह में कई स्थानों पर हाईटेंशन लाइन के तार घरों की छतों और छज्जों के बेहद करीब से झूल रहे हैं।इससे ग्रामीणों को हर समय हादसे की आशंका बनी रहती है।कई बार ग्रामीण तारों को शिफ्ट कराने की मांग कर चुके हैं, लेकिन न तो जनप्रतिनिधि और न ही विद्युत निगम के स्तर से कोई कवायद हुई। एक्सईएन नरेंद्र चौधरी कह रहे हैं कि शिफ्ट करने की अनुमति नहीं मिल रही है।
ग्रामीण जाकिर ने बताया कि गांव में रुदायन फीडर से बिजली आपूर्ति होती है।हाईटेंशन लाइन पूरे गांव में गलियों के बीच से गुजर रही है। कई जगह तार इतने नीचे झूल रहे हैं कि वह मकानों की छतों और छज्जों के पास पहुंच गए हैं।लाइन में अक्सर करंट उतरने और तारों से हादसे होने की शिकायतें सामने आती रहती हैं।कई बार बंदरों और पशुओं की करंट लगने से मौत भी हो चुकी है।
ग्रामीणों के मुताबिक,शनिवार को भी बंदर के पीछे भागने के कारण छात्र के तारों के संपर्क में आने से हादसा हो गया। समस्या की शिकायत विद्युत निगम के कर्मचारियों से कई बार की गई,लेकिन लाइनमैन मौके पर पहुंचकर तारों को ठीक नहीं करते। राजेंद्र सिंह ने बताया कि करीब चार साल पहले गांव में बिजली के खंभे तो लगा दिए गए, लेकिन लाइन को सुरक्षित तरीके से दुरुस्त नहीं किया गया।रिपोर्ट-जयकिशन सैनी

