आरोपियों से थी डील, चौकी इंचार्ज ने पीड़ितों को फंसाने की रची साजिश
अपनी चौकी की सीमा लांघ दूसरी पुलिस चौकी मालपुर क्षेत्र में दबिश की बात भी सांठ-गांठ से उठा रही पर्दा
बदायूं।जरीफनगर थाना क्षेत्र की बस्तोई सीकरी चौकी के इंचार्ज मनीष भारद्वाज ने चारों सिपाहियों के साथ मिलकर गांव दियोहरा शेखपुर निवासी वादी उदयप्रकाश व उसके भाई अवनेश को फंसाने के लिए बड़ी साजिश रची थी।
पुलिस महकमे में चर्चा हो रही है कि सीओ सहसवान के निर्देश पर पीड़ित की ओर से थाने में जब रिपोर्ट दर्ज कर ली गई तो यह बात चौकी इंचार्ज को अखर गई, क्योंकि चौकी इंचार्ज ने दूसरे पक्ष के अनमोल से रिपोर्ट न लिखे जाने को लेकर सांठगांठ कर ली थी। लाखों रुपये में डील होने की चर्चा है। इसके साथ ही अपनी चौकी की सीमा लांघकर दूसरी पुलिस चौकी मालपुर क्षेत्र में दबिश की बात भी साठगांठ से पर्दा उठा रही है।
पूरे घटनाक्रम के पीछे यही वजह सामने आ रही है कि रिपोर्ट दर्ज होने के बाद वादी व उसके भाई व पिता को डोडा मामले में फंसाने के लिए चौकी इंचार्ज ने घर में दबिश दी और पिता-पुत्रों को उठाकर थाने लाया गया और बिना कैमरे वाले महिला हेल्पडेस्क में तीनों से मारपीट कर पूछताछ की गई थी।जरीफनगर थाने में पीड़ितों के परिजनों के शोर मचाने के बाद कहीं मामला खुल न जाए। इस डर से पुलिसकर्मियों ने तीनों को थाने की जीडी में भी दाखिल करने की कोशिश की,लेकिन इंस्पेक्टर के जीडी में दाखिल न करने की बात कहने पर तीनों सफल नहीं हुए। ऐसा हो जाता तो एनडीपीएस का फर्जी केस बनाने के लिए डाली गई दबिश की बात सही साबित हो जाती। इस पूरे मामले में चौकी इंचार्ज मनीष भारद्वाज व चारों सिपाहियों को निलंबित किया जा चुका है। 7 सितंबर की देर रात करीब एक बजे चौकी इंचार्ज ने सिपाहियों के साथ जरीफनगर थाने की मालपुर चौकी क्षेत्र के गांव दियोहरा शेखपुर गांव में दबिश दी थी।
शिकायत पर निलंबित किए गए थे पांचों पुलिस कर्मी:-पीड़ित परिवार ने चौकी बस्तोई सीकरी के पहले इंचार्ज मनीष भारद्वाज पर एसएसपी अंकिता शर्मा के सामने पेश कर गंभीर आरोप लगाए। पीड़ित परिवार को प्रताड़ित करने के आरोप में एसएसपी ने शिकायत मिलने के बाद जांच कराकर बस्तोई चौकी इंचार्ज मनीष भारद्वाज सहित सिपाही लोकेश,सुरजीत,हरीश और संदीप भाटी को निलंबित किया था।
थाने में महिला हेल्प डेस्क की तरफ नहीं है कैमरे:-जरीफनगर थाने में महिला हेल्प डेस्क की ओर सीसी कैमरे नहीं है।इसी कारण पुलिसकर्मियों ने पिता-पुत्रों को थाने से पीछे की दीवार से कुदाकर लेकर आए थे।दीवार से कुदाकर लाने के बाद तीनों को महिला हेल्प डेस्क में बैठाकर पिटाई लगाई थी।पिटाई लगाते हुए पूछ रहे थे कि सीओ और मेडिकल परीक्षण करने वाले डॉक्टर को कितने रुपये दिए थे।रिपोर्ट-जयकिशन सैनी
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