थाना प्रभारी ने मामला जानकारी में आने के बाद उच्चाधिकारियों को नहीं दी जानकारी
बदायूं। जरीफनगर थाना क्षेत्र के वस्तोई सीकरी में पांचों पुलिसकर्मियों ने रात एक बजे पिता-पुत्रों को थाने की पीछे की दीवार से लेकर आए थे। इसके लगभग डेढ़ घंटे बाद तीनों के परिवार के सदस्य थाने पहुंच गए थे।सूत्रों के मुताबिक,गैर जनपद संभल से स्थानांतरण होकर आने के बाद हाल में ही जरीफनगर के थाने के प्रभारी बनाए गए निरीक्षक बाबूराम गौतम पहुंचे थे। पांचों पुलिसकर्मियों के तीन लोगों के थाने में पकड़कर लाने की जानकारी होने के बाद भी इसकी शिकायत या सूचना उच्चाधिकारियों को नहीं दी। पीड़ितों के एसएसपी से मिलने के बाद मामला खुलकर सामने आया। पूरे मामले में विभाग की ओर से थाना प्रभारी की भूमिका की जांच कराई जा रही है।
पुलिसकर्मियों ने समझौता करने का भी किया था प्रयास:-7 सितंबर की रात घटना होने के बाद परिवार ने जब उच्चाधिकारियों से शिकायत करने की बात कबी तो पुलिस कर्मी हरकत में आ गए थे। घटना के दूसरे दिन किसी तीसरे पक्ष की सहायता से पीड़ित परिवार से समझौता करने करने का प्रयास भी किया था, लेकिन परिवार ने तीसरे पक्ष की शर्ताें को नकार दिया और शिकायत करने की बात कही। जिसके बाद पीड़ित परिवार शहर विधायक महेश चंद गुप्ता के साथ 10 सितंबर को एसएसपी कार्यालय पहुंचा था।
बाॅर्डर का सबसे संवेदनशील थानों में शामिल है जरीफनगर:-बदायूं जनपद का जरीफनगर थाना से सबसे संवेदनशील थानों में शामिल है। थाने की सीमाएं जनपद संभल जनपद के गुन्नौर और जुनावाई कोतवाली क्षेत्र से लगती है। थाने की बस्तोई सीकरी चौकी संभल के बार्डर पर ही स्थित है। पीड़ित परिवार के उदयप्रकाश की ओर से 27 अगस्त को जरीफनगर थाने में घर में घुसकर मारपीट और जातिसूचक शब्दों को प्रयोग कर धमकी देने के आरोप में रिपोर्ट कराई थी।रिपोर्ट दर्ज में संभल जिले के जुनावाई क्षेत्र के गांव फतेहपुर निवासी अनमोल और उसके साथियों भूपेंद्र, सत्यवीर,ज्ञान सिंह, जयवीर, जुगेंद्र, प्रांशुख,राकेश, मुकेश,आकाश, योगेश और राजू सहित आठ अज्ञात लोगों पर सात वाहनों से आकर हमला करने की रिपोर्ट कराई थी।रिपोर्ट-जयकिशन सैनी

