रुद्रपुर: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को रुद्रपुर में आयोजित ‘पंजाबी गौरव सम्मेलन’ में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर सिख समाज की ओर से मुख्यमंत्री को ‘सरोपा’ भेंट कर सम्मानित किया गया। सीएम धामी ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए सिख और पंजाबी समाज की गौरवशाली परंपरा, साहस, सेवा और राष्ट्रभक्ति को नमन किया।
तराई क्षेत्र के विकास में पंजाबी समाज की भूमिका मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाबी समाज ने अपनी मेहनत और ईमानदारी से सीमा सुरक्षा से लेकर कृषि, उद्योग और व्यापार तक हर क्षेत्र में अहम योगदान दिया है। विशेष रूप से तराई क्षेत्र को बसाने और यहां की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में पंजाबी समाज की भूमिका अनुकरणीय है। इस दौरान सीएम ने तराई के विकास में पूर्व मुख्यमंत्री भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत के योगदान को भी याद किया और उनकी जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
मोदी सरकार के ऐतिहासिक कार्यों का किया जिक्र सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सिख समाज की आस्था और बलिदान को राष्ट्रीय सम्मान देने के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। इनमें करतारपुर साहिब कॉरिडोर का निर्माण, लंगर को कर मुक्त करना, वीर बाल दिवस की घोषणा, अफगानिस्तान से श्री गुरु ग्रंथ साहिब को सुरक्षित भारत लाना और 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ितों को न्याय दिलाना शामिल है।
उत्तराखंड सरकार के प्रमुख कदम और घोषणाएं:
रोपवे का निर्माण: प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में गोविंदघाट से हेमकुंट साहिब तक 12.5 किलोमीटर लंबे रोपवे के निर्माण की दिशा में काम आगे बढ़ चुका है।
विभाजन विभीषिका स्मृति स्थल: 1947 के विभाजन की त्रासदी में अपने प्राण गंवाने वालों की याद में राज्य में ‘विभाजन विभीषिका स्मृति स्थल’ का निर्माण किया जाएगा।
शिक्षा में गुरुबाणी: विद्यालयों में गुरुबाणी की गूंज और गुरुओं के पावन संदेशों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए काम किया जा रहा है, ताकि विकास के साथ-साथ विरासत का भी सम्मान हो।
कार्यक्रम में ये गणमान्य रहे उपस्थित सम्मेलन में भाजपा के राष्ट्रीय नेता नितिन नवीन, सांसद अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, यूपी सरकार के मंत्री बलदेव सिंह औलख, विधायक शिव अरोड़ा, प्रदीप बत्रा, त्रिलोक चीमा, मेयर विकास शर्मा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, डीएम नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी अजय गणपति समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।

