बदायूँ में लोन के नाम पर जनसेवा केंद्र संचालक ने ठगे 31,500, पैसों के अभाव में बीमार पति ने तोड़ा दम
सहसवान (बदायूँ)उत्तर प्रदेश सरकार की ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना’ के नाम पर ग्रामीण इलाकों में ठगी का एक बेहद संवेदनशील और दुखद मामला सामने आया है।सहसवान थाना क्षेत्र के ग्राम हिंडोर निवासी एक निजी जनसेवा केंद्र (CSC) संचालक मतीन वकील पर लोन दिलाने के नाम पर ₹61,500 रूपये की धोखाधड़ी करने का गंभीर आरोप लगा है।इस ठगी का सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि पैसों के अभाव में पीड़ित महिला के बीमार पति का इलाज नहीं हो सका और उन्होंने दम तोड़ दिया।
20 दिन में लोन कराने का दिया झांसा:-आईजीआरएस पोर्टल पर की गई शिकायत के आधार पर
ग्राम मालपुर ततेरा निवासी रोशनी (पत्नी स्व. पुष्पेंद्र) और उनके देवर विष्णु सिंह को आरोपी मतीन वकील ने ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना’ के तहत लोन पास कराने का झांसा दिया था।आरोपी ने 20 दिनों के भीतर लोन स्वीकृत कराने का दावा करते हुए ₹60,000 की मांग की थी।पीड़ितों ने आरोपी पर भरोसा करके ₹30,000 नकद दे दिए।इसके ठीक 7 दिन बाद,फाइल ऑनलाइन अपलोड करने के नाम पर आरोपी ने ₹1,500 PhonePe के माध्यम से तुरंत ट्रांसफर करवा लिए।
इलाज के लिए गिड़गिड़ाता रहा परिवार, आरोपी ने नहीं लौटाए पैसे:-इसी बीच रोशनी के पति पुष्पेंद्र अत्यधिक बीमार हो गए।आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार ने आरोपी मतीन वकील से मिन्नतें कीं और अनुरोध किया कि यदि लोन की फाइल आगे नहीं बढ़ पा रही है, तो उनके पैसे वापस कर दिए जाएं ताकि उन पैसों से पति का इलाज कराया जा सके। परंतु, आरोपी का दिल नहीं पसीजा। उसने न तो पैसे लौटाए और न ही लोन पास कराया। समय पर इलाज न मिलने और पैसों के अभाव के कारण आखिरकार पुष्पेंद्र की मृत्यु हो गई।
“जो करना है करो” शिकायत करने पर आरोपी ने दी धमकी:-पति की मौत के बाद भी आरोपी पीड़ितों को गुमराह करता रहा और फोन उठाने से बचता रहा। बीते 19 अगस्त 2026 को जब पीड़ितों ने उससे संपर्क किया, तो आरोपी ने संवेदनहीनता की सारी हदें पार कर दीं। उसने साफ लहजे में धमकी देते हुए कहा, मेरे पास पैसे नहीं हैं,तुम चाहे IGRS (जनसुनवाई) पर शिकायत करो या जो करना है करो।
बड़े रैकेट की आशंका, मुख्यमंत्री दरबार जाने की चेतावनी:-पीड़ित विष्णु सिंह ने आशंका जताई है कि आरोपी मतीन वकील ने क्षेत्र के कई अन्य सीधे-साधे ग्रामीणों से भी लोन की फाइल पास कराने के नाम पर ₹60,000 से लेकर ₹80,000 तक की अवैध वसूली की है।इस पूरे खेल में लोन स्वीकृत करने वाले विभाग के कुछ भ्रष्ट अधिकारियों के शामिल होने की भी प्रबल आशंका है।पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से आरोपी के मोबाइल नंबरों (9368855786, 9368818786, 9259485154) की CDR (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) निकलवाकर निष्पक्ष जांच करने की मांग की है।पीड़ितों का कहना है कि यदि उन्हें स्थानीय स्तर पर न्याय और उनका पैसा वापस नहीं मिला,तो वह न्याय की गुहार लगाने सीधे मुख्यमंत्री दरबार के लिए प्रस्थान करेंगे।रिपोर्ट-जयकिशन सैनी


