पीलीभीत: राजकीय मेडिकल कॉलेज और जिला चिकित्सालय, पीलीभीत में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के खिलाफ विश्व हिन्दू महासंघ ने मोर्चा खोल दिया है। महासंघ के जिलाध्यक्ष नितिन राठौर की ओर से जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा गया है, जिसमें सरकारी अस्पताल से मरीजों को अवैध रूप से निजी अस्पतालों में रेफर किए जाने पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि अस्पताल के कुछ चिकित्सक और कर्मचारी कमीशन के लालच में साठगांठ करके गरीब मरीजों का सरकारी इलाज करने के बजाय उन्हें निजी नर्सिंग होम और क्लीनिकों में भेज रहे हैं। इससे मुफ्त इलाज की आस में आने वाले आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों पर भारी वित्तीय बोझ पड़ रहा है।
महासंघ ने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की किसी स्वतंत्र एजेंसी या मंडलीय स्तरीय समिति से जांच कराई जाए और रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। साथ ही, दोषियों पर कठोर विभागीय व विधिक कार्रवाई, अस्पताल परिसर में दलालों पर पूर्ण रोक, पिछले 3 वर्षों के रेफरल मामलों की समीक्षा और भविष्य में प्रत्येक रेफरल का डिजिटल रिकॉर्ड रखने की मांग की गई है। इस गंभीर विषय पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक का भी ध्यानाकर्षण किया गया है।

