बिजनौर (नगीना देहात)। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद में गुलदार (Leopard) का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को नगीना देहात थाना क्षेत्र के ग्राम सीखनीवाला में एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई। यहां माता-पिता के साथ खेत से लौट रहे 10 साल के एक मासूम बच्चे को घात लगाए बैठे गुलदार ने उनके बीच से ही खींच लिया और जंगल की ओर ले गया। बाद में खोजबीन के दौरान जंगल से बच्चे का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ है। इस दर्दनाक घटना से पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल है।
माता-पिता के सामने से मासूम को ले उड़ा गुलदार
जानकारी के अनुसार, ग्राम सीखनीवाला निवासी नरसिंह सोमवार को अपने परिवार के साथ खेत का काम निपटाकर घर लौट रहे थे। उनके साथ उनका 10 वर्षीय बेटा अर्णव भी था। इसी दौरान रास्ते में झाड़ियों में छिपा बैठा एक गुलदार अचानक हमलावर हो गया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, गुलदार परिजनों के बिल्कुल बीच से 10 वर्षीय अर्णव को अपने जबड़े में दबाकर तेजी से जंगल की तरफ भाग निकला।
पीछा किया, लेकिन बचा न सके जान
बेटे को गुलदार के जबड़े में देख परिजनों के होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत शोर मचाते हुए गुलदार का पीछा किया और बच्चे को बचाने का हर संभव प्रयास किया। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण भी दौड़ पड़े। लेकिन गुलदार इतना फुर्तीला था कि वह बच्चे को लेकर घने जंगल में काफी दूर निकल चुका था। काफी मशक्कत और तलाश के बाद जंगल से अर्णव का क्षत-विक्षत शव बरामद किया गया, जिसे देखकर परिजनों में कोहराम मच गया।
वन विभाग पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
इस दुखद हादसे के बाद ग्राम सीखनीवाला और आसपास के इलाकों में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। ग्रामीणों ने वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए भारी नाराजगी व्यक्त की है। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में काफी समय से गुलदार की आवाजाही बनी हुई थी और इसकी सूचना भी दी गई थी, लेकिन समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।
इलाके में गश्त तेज, अकेले न जाने की सलाह
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। स्थानीय प्रशासन और वन अधिकारियों ने पीड़ित परिजनों को सांत्वना दी और मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि ऐहतियात के तौर पर क्षेत्र में वन विभाग की गश्त बढ़ा दी गई है। इसके साथ ही, ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे पूरी तरह सतर्क रहें और किसी भी हाल में अकेले खेतों या जंगल की ओर न जाएं।

