मुरादाबाद (डिलारी/ठाकुरद्वारा)। रामगंगा नदी के खादर क्षेत्र में तेंदुए का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार हो रहे हमलों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ताजा मामला थाना डिलारी क्षेत्र के गांव चंदूपुरा का है, जहां गुरुवार शाम खेत में काम कर रहे एक किसान पर गन्ने के खेत से निकले तेंदुए ने जानलेवा हमला कर दिया। अपनी जान बचाने के लिए किसान हाथ में दरांती लेकर तेंदुए से भिड़ गया।
धान के खेत में लगा रहा था खाद, अचानक झपटा तेंदुआ
जानकारी के अनुसार, चंदूपुरा गांव निवासी किसान पवन कुमार गुरुवार शाम लगभग 5:00 बजे रामगंगा नदी के समीप स्थित अपने खेत में धान की फसल में खाद छिड़क रहे थे। उसी समय पास ही खड़े गन्ने के खेत से अचानक एक तेंदुआ निकला और उसने पवन पर पीछे से हमला कर दिया।
हमले में तेंदुए के नुकीले पंजे किसान के सीने पर लगे और वह लहूलुहान हो गया। लेकिन पवन ने हिम्मत नहीं हारी और अपनी जान बचाने के लिए हाथ में मौजूद दरांती से तेंदुए का डटकर मुकाबला किया।
किसानों ने लाठी-डंडे फटकार कर बचाई जान
किसान पवन के शोर मचाने पर आसपास के खेतों में काम कर रहे अन्य किसान लाठी-डंडे लेकर तुरंत मौके की ओर दौड़ पड़े। भीड़ को अपनी तरफ आता देख और डंडों की आवाज सुनकर तेंदुआ पवन को छोड़कर उछल-कूद करता हुआ वापस गन्ने के खेत में जाकर छिप गया। घायल पवन कुमार को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) डिलारी ले जाया गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया।
रात में पहरा दे रहे ग्रामीण, वन विभाग की अजीब सलाह
रामगंगा नदी किनारे बसे गांवों में तेंदुए की लगातार सक्रियता से ग्रामीण भारी दहशत में हैं। डर के कारण लोग खेतों पर अकेले जाने से कतरा रहे हैं और लाठी-डंडों के साथ टोलियां बनाकर ही घर से बाहर निकल रहे हैं। रात के समय भी लोग जागकर पहरेदारी करने को मजबूर हैं।
दहशतजदा ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम से पिंजरा लगाकर तेंदुए को जल्द पकड़ने की गुहार लगाई है। वहीं, इस संबंध में ठाकुरद्वारा के वन क्षेत्राधिकारी (रेंजर) रवि गंगवार ने ग्रामीणों को अजीबोगरीब सलाह देते हुए कहा है कि, “अपनी रक्षा स्वयं करें। शाम के समय खेतों पर अकेले न जाएं और यदि तेंदुआ दिखाई दे, तो उसके साथ बिल्कुल भी छेड़छाड़ न करें।” वन विभाग के इस जवाब से ग्रामीणों में रोष भी देखने को मिल रहा है।

