Weather:मौसम विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के अनुसार, दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में मानसूनी हवाएं पूरी तरह सक्रिय हैं। अगले 48 घंटों यानी मंगलवार और बुधवार को पूरे एनसीआर में तेज हवाओं, गरज-चमक और भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को एहतियात बरतने और सतर्क रहने की सलाह दी है।
बादलों का डेरा और नमी का असर
सोमवार को हुई बारिश के बाद से ही आसमान में घने बादलों का डेरा है। सफदरजंग, पालम, नई दिल्ली और अयानगर जैसे प्रमुख मौसम केंद्रों पर हवा में नमी का स्तर काफी अधिक दर्ज किया गया है।
आज कैसा रहेगा मौसम?
पूर्वानुमान के मुताबिक, 21 जुलाई को सुबह से लेकर दोपहर तक दिल्ली-एनसीआर के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के कई दौर आ सकते हैं। कुछ जगहों पर तेज और मुसलाधार बारिश की चेतावनी भी जारी की गई है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जो कभी-कभी 50 किलोमीटर प्रति घंटे के झोंकों में बदल सकती हैं। बारिश के साथ बिजली कड़कने और गिरने की भी आशंका जताई गई है।
22 जुलाई को भी राहत के आसार नहीं
मौसम विभाग के अनुसार, 22 जुलाई को भी दिल्ली-एनसीआर में बारिश का सिलसिला थमेगा नहीं। बुधवार सुबह और दोपहर के समय मध्यम से भारी बारिश हो सकती है, जबकि शाम के वक्त हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने के आसार हैं। पूरे दिन गरज-चमक और तेज हवाओं का माहौल बना रहेगा। कुल मिलाकर, अगले दो दिन दिल्ली-एनसीआरवासियों के लिए बारिश से राहत और जलभराव से सतर्क रहने के रहेंगे।
उत्तर प्रदेश में उफान पर नदियां
उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। लगातार हो रही बारिश से गंगा समेत कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। वाराणसी और प्रयागराज में नदियां उफान पर हैं, जिससे कई प्रमुख घाट और मंदिर जलमग्न हो चुके हैं। इस स्थिति से स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पश्चिम बंगाल में चेतावनी
मौसम विभाग ने पश्चिम बंगाल के उत्तर बंगाल वाले हिस्सों में भारी बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। वहीं, असम में बारिश का सबसे भयावह असर दिख रहा है। बाढ़ की चपेट में आने से हजारों लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। स्थिति को नियंत्रित करने और राहत-बचाव कार्यों के लिए भारतीय सेना की तैनाती की गई है।
जम्मू-कश्मीर में भूस्खलन से तबाही, 7 की मौत
जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश से भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। पुंछ जिले के लोरान गांव में भूस्खलन की वजह से एक कच्चा मकान ढह गया, जिससे 7 लोगों की दुखद मौत हो गई। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

