विवाद सुलझाने में नाकाम रही जरीफनगर पुलिस, दूसरे थानों के प्रभारियों ने संभाला मोर्चा
बदायूं। (समर इंडिया) जिले का बॉर्डर,संवेदनशील इलाका जो हर संगीन वारदात के लिए कुख्यात रहा है।उस जरीफनगर थाने की पुलिस हरिओम की मौत के बाद थाने की चौकी नाधा पर विवाद नहीं सुलझा पाई।मृतक के परिजन और उसके तमाम रिश्तेदार इकट्ठा होते रहे भीड़ बढ़ी तो बवाल शुरू हो गया।बवाल बढ़ता देख दूसरे थानों से अनुभवी इंस्पेक्टर मौके पर बुला लिए गए तब जाकर उन्होंने मोर्चा संभाला,लेकिन तब तक हालात काफी बेकाबू हो चुके थे।बवाल थमने के बाद सभी एक ही बात कह रहे थे कि जरीफनगर पुलिस अगर विवाद को भांप लेती तो यहां बड़ा बवाल नहीं होता।दूसरे थानों के इंस्पेक्टरों ने किसी तरह से मोर्चा संभाला तब जाकर हालातों पर काबू पाया गया।

बवाल और पुलिस की प्रतिक्रिया:-जाम के बाद वहां भीड़ बढ़ती गई तो कुछ बाहरी लोग भी इसमें शामिल हो गए। इसी बीच हरिओम का रिश्तेदार पेट्रोल लेकर चौकी के सामने बैठ गया।वह आत्मदाह की धमकी देने लगा,इसके बाद भी जरीफनगर पुलिस मूकदर्शक बनी रही।मामला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा तो पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे।हालात बेकाबू देख करीब पांच थानों के अनुभवी इंस्पेक्टरों को बुलाया गया।काफी देर तक बवाल हुआ,लेकिन उन इंस्पेक्टरों ने काफी हद तक मोर्चा संभाला और मामले को सख्ती के साथ खत्म कराया।रिपोर्ट-जयकिशन सैनी 
