Uttarakhand Rain Update-देहरादून। उत्तराखंड में मानसून की आफत अब डराने लगी है। प्रदेश के सभी जिलों में देर रात से रुक-रुक कर हो रही मूसलाधार बारिश ने तबाही मचानी शुरू कर दी है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, राज्य में पिछले 24 घंटे के भीतर सामान्य से रिकॉर्ड 354% ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। इस अप्रत्याशित मूसलाधार बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं और मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ों तक जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
तीन जिलों में भारी लैंडस्लाइड, रास्ते बंद पहाड़ी जिलों में लगातार हो रही अतिवृष्टि के कारण भूस्खलन का सिलसिला तेज हो गया है। पौड़ी, उत्तरकाशी और टिहरी गढ़वाल के कई इलाकों में भारी लैंडस्लाइड हुई है। पहाड़ियों से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर सड़कों पर आ गिरने के कारण कई मुख्य हाईवे और ग्रामीण संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं। मार्ग बंद होने से स्थानीय निवासियों के साथ-साथ चारधाम यात्रा और पर्यटन पर आए यात्रियों को बीच रास्ते में ही फंसना पड़ रहा है। प्रशासन जेसीबी मशीनों की मदद से रास्ता साफ करने में जुटा है, लेकिन लगातार गिर रहा मलबा काम में बाधा बन रहा है।
हरिद्वार-रुड़की में जलभराव, घरों में घुसा पानी मैदानी इलाकों का हाल भी बेहद खराब है। हरिद्वार जिले के रुड़की और आसपास के क्षेत्रों में हुई तेज बारिश के बाद बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण बारिश का पानी रिहायशी कॉलोनियों और लोगों के घरों के अंदर तक घुस गया है। जलभराव के कारण लोगों का कीमती सामान खराब हो गया है और वे रातभर जागने को मजबूर रहे।
देहरादून हाईवे पर बने जानलेवा गड्ढे राजधानी देहरादून को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग (Highways) पर भी बारिश का जबरदस्त असर पड़ा है। मूसलाधार बारिश के कारण हाईवे की सड़कें कई जगहों पर धंस गई हैं और वहां बड़े-बड़े जानलेवा गड्ढे बन गए हैं। इन गड्ढों के कारण गाड़ियों की रफ्तार थम गई है और जलभराव के बीच वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा लगातार बना हुआ है।
प्रशासन ने सभी संवेदनशील और आपदा प्रभावित क्षेत्रों में एसडीआरएफ (SDRF) और स्थानीय पुलिस को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।

